Khaleda Zia Death: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का मंगलवार सुबह निधन हो गया है। अपने जीवन के 80 वर्ष पूरे कर ढाका के एवरकेयर अस्पताल में उन्होंने लंबी बीमारी के चलते अंतिम सांस ली। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की चेयरपर्सन ने इस बात की घोषणा की कि उन्होंने मंगलवार सुबह 6 बजे अपनी अंतिम सांस ली। बेगम खालिदा पिछले 36 दिनों से अस्पताल में इलाज पर थीं। उन्हें फेफड़ों और दिल के संक्रमण के कारण भर्ती करवाया गया था। आइए जानते हैं कि दिल और फेफड़ों का इन्फेक्शन क्या होता है और इसके लक्षण क्या होते हैं?
दिल और फेफड़ों का इंफेक्शन(Causes Of Lung Infection)
रिपोर्ट्स के अनुसार बांग्लादेश की पूर्व महिला प्रधानमंत्री का मंगलवार सुबह निधन हो गया। लोगों का मानना था कि खालिदा जिया अगले साल भी चुनावों में जीत हासिल करने की कोशिश में थीं और यह बात सिद्ध होती इससे पहले ही उन्होंने अपनी अंतिम सांस ले ली। उनकी मृत्यु का कारण लंबे समय से दिल और फेफड़ों का इन्फेक्शन बताया जा रहा है।
1.दिल का इंफेक्शन: दिल के इन्फेक्शन यानी संक्रमण को आमतौर पर ‘एंडोकार्डिटिस’ (Endocarditis) या ‘मायोकार्डिटिस’ (Myocarditis) कहा जाता है। यह तब होता है जब बैक्टीरिया या वायरस दिल की परतों तक पहुंच जाता है। यह स्थिति अपने आप में बहुत खतरनाक मानी जाती है।
2.फेफड़ों का संक्रमण: फेफड़ों के संक्रमण को सामान्यतः निमोनिया या ब्रोंकाइटिस से समझा जाता है। यह संक्रमण सर्दी में बहुत ज्यादा प्रभावी होता है। यह स्थिति तब पनपती है जब फेफड़ों में मवाद और तरल पदार्थ का जमाव हो जाता है और इस कारण ही हमारे रक्त में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है और फेफड़ों में यह इंफेक्शन हो जाता है।
दिल और फेफड़ों का इन्फेक्शन कितना खतरनाक होता है?(Heart And Lung Infection Symptoms)
जब हमारे शरीर के दो सबसे महत्वपूर्ण अंगों को एक साथ संक्रमण हो जाए तो यह सीधी सी बात है कि यह स्थिति भयावह तो होगी ही। लेकिन वास्तव में यह इतना खतरनाक होता है जितना हम सोच भी नहीं सकते। यह स्थिति निम्न कारणों से ज्यादा खतरनाक होती है:
1. हमारे शरीर में ऑक्सीजन की कमी।
2. संक्रमण खून में फैल जाए तो किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंग भी खराब हो सकते हैं।
3. इम्युनिटी कमजोर होने से 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की ठीक होने की संभावना उतनी ही कम हो जाती है।
दिल और फेफड़ों के इन्फेक्शन के प्रमुख लक्षण
- सांस लेने में तकलीफ होना।
- खांसते या छींकते समय सीने में तेज दर्द होना।
- लंबे समय से बुखार की दिक्कत होना।
- ज्यादा गंभीर स्थिति में नाखूनों और होठों में नीलापन आना।


