इंटरनेशनल प्लेयर्स के बीच खगड़िया की बच्ची को 3 पॉइंट:बिहार ओपन फिडे रेटिंग चेस टूर्नामेंट में 5 साल की बच्ची ने दिखाया टैलेंट

इंटरनेशनल प्लेयर्स के बीच खगड़िया की बच्ची को 3 पॉइंट:बिहार ओपन फिडे रेटिंग चेस टूर्नामेंट में 5 साल की बच्ची ने दिखाया टैलेंट

पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में आयोजित बिहार ओपन फिडे रेटिंग शतरंज टूर्नामेंट में एक असाधारण प्रतिभा देखने को मिली। महज 5 साल की खिलाड़ी श्री परी ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के बीच अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। यह विशेष ‘सिमल्टेनियस चेस’ मुकाबला था, जिसमें रूस के ग्रैंडमास्टर पीटर क्रियाकोव ने बिहार के 36 युवा खिलाड़ियों के साथ एक साथ खेला। इस दौरान खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित नौरंगा निवासी निरंजन चक्रवर्ती और जयंती कुमारी की पुत्री श्री परी ने सबका ध्यान खींचा। मुकाबलों में श्री परी ने कुल तीन अंक हासिल किए नौ चक्रों में खेले गए इन मुकाबलों में श्री परी ने कुल तीन अंक हासिल किए। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के सामने आत्मविश्वास के साथ खेलना उनकी असाधारण प्रतिभा को दर्शाता है और इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। प्रतियोगिता में रूस के ग्रैंडमास्टर पीटर क्रियाकोव, जिम्बाब्वे के इंटरनेशनल मास्टर मोदाम्बे, नेपाल के नेशनल चैंपियन मास्टर रूपेश जायसवाल सहित श्रीलंका समेत सात देशों के नामचीन खिलाड़ियों ने भाग लिया। सभी ने नन्ही श्री परी के खेल की सराहना की। प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया टूर्नामेंट के दौरान ग्रैंडमास्टर पीटर क्रियाकोव और बिहार शतरंज संघ के सचिव सह अखिल भारतीय शतरंज महासंघ के कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने श्री परी को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि श्री परी के बड़े भाई जश्न रंजन भी शतरंज में स्कूल अंडर-13 वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हुए कई खिताब जीत चुके हैं। उनके पिता भी शतरंज के कुशल खिलाड़ी हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि शतरंज की प्रतिभा इस परिवार की विरासत बन चुकी है। नन्ही श्री परी की यह उपलब्धि न केवल खगड़िया जिले के लिए बल्कि पूरे बिहार राज्य के लिए गर्व का विषय है। पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में आयोजित बिहार ओपन फिडे रेटिंग शतरंज टूर्नामेंट में एक असाधारण प्रतिभा देखने को मिली। महज 5 साल की खिलाड़ी श्री परी ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के बीच अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। यह विशेष ‘सिमल्टेनियस चेस’ मुकाबला था, जिसमें रूस के ग्रैंडमास्टर पीटर क्रियाकोव ने बिहार के 36 युवा खिलाड़ियों के साथ एक साथ खेला। इस दौरान खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित नौरंगा निवासी निरंजन चक्रवर्ती और जयंती कुमारी की पुत्री श्री परी ने सबका ध्यान खींचा। मुकाबलों में श्री परी ने कुल तीन अंक हासिल किए नौ चक्रों में खेले गए इन मुकाबलों में श्री परी ने कुल तीन अंक हासिल किए। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के सामने आत्मविश्वास के साथ खेलना उनकी असाधारण प्रतिभा को दर्शाता है और इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। प्रतियोगिता में रूस के ग्रैंडमास्टर पीटर क्रियाकोव, जिम्बाब्वे के इंटरनेशनल मास्टर मोदाम्बे, नेपाल के नेशनल चैंपियन मास्टर रूपेश जायसवाल सहित श्रीलंका समेत सात देशों के नामचीन खिलाड़ियों ने भाग लिया। सभी ने नन्ही श्री परी के खेल की सराहना की। प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया टूर्नामेंट के दौरान ग्रैंडमास्टर पीटर क्रियाकोव और बिहार शतरंज संघ के सचिव सह अखिल भारतीय शतरंज महासंघ के कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने श्री परी को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि श्री परी के बड़े भाई जश्न रंजन भी शतरंज में स्कूल अंडर-13 वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हुए कई खिताब जीत चुके हैं। उनके पिता भी शतरंज के कुशल खिलाड़ी हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि शतरंज की प्रतिभा इस परिवार की विरासत बन चुकी है। नन्ही श्री परी की यह उपलब्धि न केवल खगड़िया जिले के लिए बल्कि पूरे बिहार राज्य के लिए गर्व का विषय है।  

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