भास्कर न्यूज | पेण्ड्रा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा 20 फरवरी से शुरू हो रही 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मंगलवार को कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) में प्राचार्यों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों को तनाव और दबाव मुक्त वातावरण में परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया जाए। कलेक्टर ने पिछले वर्ष के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 10वीं में जिला 33वें और 12वीं में 29वें स्थान पर था। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि इस वर्ष जिले की स्थिति उत्कृष्ट होनी चाहिए। कलेक्टर ने कहा, जीपीएम एक आदिवासी बहुल जिला है, यहां के बच्चों का भविष्य संवारने में शिक्षकों का असली प्रयास दिखना चाहिए। बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर ने प्राचार्यों को विशेष टिप्स दिए। बच्चों को परीक्षा के ब्लू प्रिंट के आधार पर प्रश्नों का अभ्यास कराएं। अंक सुधारने के लिए वैकल्पिक प्रश्नों को हल करने का विशेष मार्गदर्शन दें। जिले के सभी स्कूलों में पर्याप्त योग्य शिक्षक हैं, उनकी मेहनत का परिणाम बोर्ड परीक्षा में दिखना चाहिए। बैठक में परीक्षा केंद्रों पर बिजली, पानी और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने उम्मीद जताई कि शिक्षकों और बच्चों के साझा प्रयासों से इस बार जिला प्रदेश की मेरिट सूची में अपनी जगह बनाएगा। बैठक में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, डीईओ रजनीश तिवारी, डाईट प्राचार्य जेपी पुष्प सहित जिले के सभी हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य उपस्थित रहे।


