हिसुआ में 77वें गणतंत्र दिवस पर कवि सम्मेलन:’एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में कवियों ने दी श्रद्धांजलि

हिसुआ में 77वें गणतंत्र दिवस पर कवि सम्मेलन:’एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में कवियों ने दी श्रद्धांजलि

नवादा जिले के हिसुआ प्रखंड सभागार में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर ‘एक शाम शहीदों के नाम’ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों को कविताओं के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित करना था। यह आयोजन प्रखंड विकास पदाधिकारी देवानंद प्रसाद की पहल पर किया गया। कवि दीनबंधु पाण्डेय ने सम्मेलन की अध्यक्षता की, जबकि कवि ओंकार कश्यप ने संचालन किया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रख्यात कवियों ने देर रात तक अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। इनमें उदय कुमार भारती, शफीक जानी नादाँ, प्रवीण कुमार पंकज, जितेंद्र राज आर्यन, संजीव कुमार, सुनील चौधरी, अमरेन्द्र कुमार पुष्प, मधुकांत कुमार, दयानंद गुप्ता, आचार्य गोपाल, अनमोल कुमारी, अनिल कुमार, देवेंद्र विश्वकर्मा और शैलेन्द्र कुमार प्रसून जैसे दर्जनभर से अधिक कवि शामिल थे। कवियों ने ओजपूर्ण स्वर में वीरों की गाथाएं सुनाईं, जिससे पूरा सभागार ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। शृंगार रस की कविताओं ने प्रेम और सौंदर्य की छटा बिखेरी, वहीं वात्सल्य रस की रचनाओं ने मानवीय संवेदनाओं को छुआ। कवियों ने तीखे कटाक्ष और हास्य-व्यंग्य के जरिए सामाजिक कुरीतियों और समसामयिक विषयों पर भी अपनी बात रखी, जिससे श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन हिसुआ विधायक अनिल सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी देवानंद प्रसाद, अंचलाधिकारी डॉ॰ सुमन सौरभ और कार्यपालक पदाधिकारी अतीश रंजन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस उन शहीदों को याद करने का दिन है जिनकी बदौलत देशवासी आजाद हवा में सांस ले रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि साहित्य और कविताएं समाज का आईना होती हैं और ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी में राष्ट्रवाद की भावना प्रबल होती है। इस अवसर पर स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे। नवादा जिले के हिसुआ प्रखंड सभागार में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर ‘एक शाम शहीदों के नाम’ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों को कविताओं के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित करना था। यह आयोजन प्रखंड विकास पदाधिकारी देवानंद प्रसाद की पहल पर किया गया। कवि दीनबंधु पाण्डेय ने सम्मेलन की अध्यक्षता की, जबकि कवि ओंकार कश्यप ने संचालन किया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रख्यात कवियों ने देर रात तक अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। इनमें उदय कुमार भारती, शफीक जानी नादाँ, प्रवीण कुमार पंकज, जितेंद्र राज आर्यन, संजीव कुमार, सुनील चौधरी, अमरेन्द्र कुमार पुष्प, मधुकांत कुमार, दयानंद गुप्ता, आचार्य गोपाल, अनमोल कुमारी, अनिल कुमार, देवेंद्र विश्वकर्मा और शैलेन्द्र कुमार प्रसून जैसे दर्जनभर से अधिक कवि शामिल थे। कवियों ने ओजपूर्ण स्वर में वीरों की गाथाएं सुनाईं, जिससे पूरा सभागार ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। शृंगार रस की कविताओं ने प्रेम और सौंदर्य की छटा बिखेरी, वहीं वात्सल्य रस की रचनाओं ने मानवीय संवेदनाओं को छुआ। कवियों ने तीखे कटाक्ष और हास्य-व्यंग्य के जरिए सामाजिक कुरीतियों और समसामयिक विषयों पर भी अपनी बात रखी, जिससे श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन हिसुआ विधायक अनिल सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी देवानंद प्रसाद, अंचलाधिकारी डॉ॰ सुमन सौरभ और कार्यपालक पदाधिकारी अतीश रंजन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस उन शहीदों को याद करने का दिन है जिनकी बदौलत देशवासी आजाद हवा में सांस ले रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि साहित्य और कविताएं समाज का आईना होती हैं और ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी में राष्ट्रवाद की भावना प्रबल होती है। इस अवसर पर स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।  

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