छात्रा का शव रखकर करगिल चौक को ढाई घंटे जाम किया

छात्रा का शव रखकर करगिल चौक को ढाई घंटे जाम किया

नाबालिग छात्रा का शव रखकर परिजनों और ग्रामीणों ने करगिल चौक को जाम कर दिया। सोमवार की शाम छह बजे से लेकर रात साढ़े आठ बजे तक सैकड़ों लोगों ने हंगामा-प्रदर्शन किया। इनका दावा रहा कि छात्रा के साथ रेप हुआ है। मारपीट कर हत्या की गई है, उसे जहर दिया गया। परिजनों ने चित्रगुप्तनगर थाने की पुलिस पर आरोप लगाया कि जांच ठीक से नहीं की। निजी अस्पताल की भी मिलीभगत है। छात्रा चित्रगुप्तनगर थाना के मुन्नाचक में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। 5 दिन कोमा में रहने के बाद उसकी मौत हो गई। इधर, करगिल चौक जाम होने से गांधी मैदान की चारों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। परिजन सड़क पर शव रखकर बैठे हुए थे। सूचना के बाद सदर एएसपी, टाउन एसडीपीओ वन समेत तीन डीएसपी व चार थानों की पुलिस पहुंची। सदर एएसपी अभिनव ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि पुलिस जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद पता चल जाएगा कि छात्रा की मौत की वजह क्या है। जांच में यह सामने आया 1. स्त्री रोग विशेषज्ञ को यौन उत्पीड़न का सबूत नहीं मिला। उनका बयान दर्ज हुआ है। 2. यूरिन टेस्ट रिपोर्ट से नींद की गोलियों के सेवन का संकेत मिलता है। 3. सीसीटीवी फुटेज में कोई गड़बड़ी नहीं दिखती। सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास। 4. छात्रा के मोबाइल की इंटरनेट सर्च हिस्ट्री से पता चलता है कि उसने जहर की गोली के बारे में सर्च किया था। 5. डॉक्टरों के एक पैनल ने पोस्टमार्टम किया है। विसरा सुरक्षित किया गया है। शरीर पर खरोंच के निशान छात्रा जहानाबाद की थी। उसके शरीर के कई हिस्सों पर खरोच के निशान मिले। छात्रा की मौत के बाद राजनीति भी शुरू हो गई है। करगिल चौक को जाम करने में कांग्रेस व वामदलों के नेता भी मौजूद थे। कई सामाजिक संस्था के लोग भी शामिल हुए। सामाजिक संस्था से जुड़े पुरुषोत्तम का दावा है कि उसकी हत्या की गई है। हत्या के पीछे बड़ी साजिश है। वहीं पुलिस ने उसके कमरे से नींद की गोलियां बरामद की थी। वह मियादी बुखार से भी पीड़ित थी। नाबालिग छात्रा का शव रखकर परिजनों और ग्रामीणों ने करगिल चौक को जाम कर दिया। सोमवार की शाम छह बजे से लेकर रात साढ़े आठ बजे तक सैकड़ों लोगों ने हंगामा-प्रदर्शन किया। इनका दावा रहा कि छात्रा के साथ रेप हुआ है। मारपीट कर हत्या की गई है, उसे जहर दिया गया। परिजनों ने चित्रगुप्तनगर थाने की पुलिस पर आरोप लगाया कि जांच ठीक से नहीं की। निजी अस्पताल की भी मिलीभगत है। छात्रा चित्रगुप्तनगर थाना के मुन्नाचक में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। 5 दिन कोमा में रहने के बाद उसकी मौत हो गई। इधर, करगिल चौक जाम होने से गांधी मैदान की चारों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। परिजन सड़क पर शव रखकर बैठे हुए थे। सूचना के बाद सदर एएसपी, टाउन एसडीपीओ वन समेत तीन डीएसपी व चार थानों की पुलिस पहुंची। सदर एएसपी अभिनव ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि पुलिस जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद पता चल जाएगा कि छात्रा की मौत की वजह क्या है। जांच में यह सामने आया 1. स्त्री रोग विशेषज्ञ को यौन उत्पीड़न का सबूत नहीं मिला। उनका बयान दर्ज हुआ है। 2. यूरिन टेस्ट रिपोर्ट से नींद की गोलियों के सेवन का संकेत मिलता है। 3. सीसीटीवी फुटेज में कोई गड़बड़ी नहीं दिखती। सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास। 4. छात्रा के मोबाइल की इंटरनेट सर्च हिस्ट्री से पता चलता है कि उसने जहर की गोली के बारे में सर्च किया था। 5. डॉक्टरों के एक पैनल ने पोस्टमार्टम किया है। विसरा सुरक्षित किया गया है। शरीर पर खरोंच के निशान छात्रा जहानाबाद की थी। उसके शरीर के कई हिस्सों पर खरोच के निशान मिले। छात्रा की मौत के बाद राजनीति भी शुरू हो गई है। करगिल चौक को जाम करने में कांग्रेस व वामदलों के नेता भी मौजूद थे। कई सामाजिक संस्था के लोग भी शामिल हुए। सामाजिक संस्था से जुड़े पुरुषोत्तम का दावा है कि उसकी हत्या की गई है। हत्या के पीछे बड़ी साजिश है। वहीं पुलिस ने उसके कमरे से नींद की गोलियां बरामद की थी। वह मियादी बुखार से भी पीड़ित थी।  

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