कानपुर के कल्याणपुर स्थित एक निजी अस्पताल में 34 वर्षीय कांवड़ यात्री मुलायम सिंह यादव की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कानपुर देहात के शिवली निवासी रोहित यादव ने बताया कि उनके चचेरे भाई मुलायम सिंह यादव (34) 5 फरवरी को कांवड़ यात्रा के लिए घर से निकले थे। गुरुवार रात करीब 8 बजे चौबेपुर क्षेत्र में भगदड़ मचने से वह गिर गए, जिससे उनकी छाती की दो पसलियां टूट गईं और हाथ में भी चोट आई। उन्हें उपचार के लिए कल्याणपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, 6 फरवरी को इलाज में लापरवाही देखने के बाद उन्होंने अस्पताल प्रबंधक से शिकायत की और मुलायम को दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही। इस पर प्रबंधक ने बेहतर इलाज का आश्वासन दिया और चार दिनों के भीतर उनसे 3.5 लाख रुपये ले लिए। रविवार रात अचानक अस्पताल ने मुलायम सिंह यादव की मौत की सूचना दी। मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने अस्पताल के बाहर फिर से हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम हाउस पर भी परिजनों ने अस्पताल प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई और मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई। मृतक मुलायम सिंह यादव किसानी करते थे। उनके परिवार में पत्नी रिंकी, तीन बेटियां, मां सरोज देवी और पिता दीवान सिंह हैं। कल्याणपुर थाना प्रभारी संतोष सिंह ने बताया कि मृतक के पिता ने अस्पताल के खिलाफ तहरीर दी है। सीएमओ की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


