कानपुर में रेलवे के टैंकरों से डीजल और पेट्रोल चोरी करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश हो गया है। लंबे समय से ट्रेनों को निशाना बना रहे इस संगठित गिरोह के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
चार जनवरी की घटना से खुला राज
पूरा मामला सचेंडी थाना क्षेत्र के भीमसेन इलाके का है, जहां चार जनवरी को ट्रेन के टैंकरों से तेल चोरी की घटना सामने आई थी। घटना के बाद आरपीएफ ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में ही यह स्पष्ट हो गया था कि यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का काम है, जो योजनाबद्ध तरीके से रेलवे टैंकरों को निशाना बना रहा था। मंगलवार को आरपीएफ की सीआईबी ग्वालियर और कानपुर की संयुक्त टीम को मुखबिर से सटीक सूचना मिली।
सूचना के आधार पर टीम ने भीमसेन इलाके में छापेमारी की, जहां से दो शातिर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई इतनी सटीक थी कि आरोपितों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।गिरफ्तारी के दौरान आरोपितों के कब्जे से 15 कट्टी (कैन) में भरा डीजल और पेट्रोल बरामद किया गया। बरामद तेल की कीमत करीब 34 हजार रुपये आंकी गई है। आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, यह तेल ट्रेन के टैंकरों से चोरी किया गया था, जिसे बाद में स्थानीय बाजार में बेचने की तैयारी थी।
लंबे समय से सक्रिय था गिरोह
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सचेंडी निवासी सागर गौतम और शिवम गौतम के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से इस अवैध धंधे में शामिल थे। गिरोह सुनसान स्थानों पर ट्रेनों के टैंकरों को निशाना बनाता था और बड़ी चालाकी से तेल निकालकर फरार हो जाता था। इसके बाद चोरी का तेल सस्ते दामों पर बेच दिया जाता था। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपितों ने गिरोह में शामिल अपने चार अन्य साथियों के नाम भी उजागर किए हैं। फिलहाल ये सभी आरोपी फरार हैं और आरपीएफ की टीमें उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जेल भेजे गए आरोपी
आरपीएफ थाना प्रभारी के मुताबिक, गिरफ्तार दोनों आरोपितों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।


