Kanpur News: डीएम के औचक निरीक्षण में तीन शिक्षिकाएं अनुपस्थित, वेतन रोकने के निर्देश

Kanpur News: डीएम के औचक निरीक्षण में तीन शिक्षिकाएं अनुपस्थित, वेतन रोकने के निर्देश

कानपुर।शिक्षा व्यवस्था की हकीकत जानने के लिए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को कंपोजिट विद्यालय कठेरुआ का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तीन शिक्षिकाएं अनुपस्थित मिलने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। डीएम की इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।

इन सभी का रोका वेतन –

निरीक्षण के दौरान आरती, विभा निगम और अनिता कटियार विद्यालय में अनुपस्थित पाई गईं। अनुपस्थित शिक्षिकाओं ने बीएलओ ड्यूटी का कारण बताया। इस पर जिलाधिकारी ने मौके से ही मोबाइल फोन के माध्यम से तीनों से बात कर विद्यालय न आने की वजह पूछी। बातचीत में सामने आया कि दो शिक्षिकाएं अपने घर पर थीं, जबकि एक ने रास्ते में होने की बात कही। इस पर डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए तीनों का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।

बीएलओ ड्यूटी के साथ पढ़ाई कराने वाले शिक्षकों की सराहना –

विद्यालय में सविता, अर्चना राठौर, शशि गौतम और अस्मिता तिवारी उपस्थित मिलीं, जबकि दो शिक्षा मित्र भी अपने दायित्वों का निर्वहन करते पाए गए। मौके पर मौजूद दो शिक्षक बीएलओ कार्य देखने के साथ-साथ अध्यापन कार्य भी करते मिले। जिलाधिकारी ने ऐसे शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी और अनुशासन का अच्छा उदाहरण है।

डीएम बोले,पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए –

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शिक्षकों का मुख्य कार्य अध्यापन है और किसी भी स्थिति में पठन-पाठन प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि बीएलओ की ड्यूटी विद्यालय प्रारंभ होने से पहले या विद्यालय की छुट्टी के बाद करने का निर्देश है। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग की ओर से अलग से एक हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय भी दिया जाता है। ऐसे में बीएलओ ड्यूटी के नाम पर अध्यापन कार्य से दूर रहना उचित नहीं है।

मिड-डे मील की गुणवत्ता भी परखी –

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में संचालित मिड-डे मील योजना का जायजा लिया। उस दिन बच्चों को चावल, दाल और आलू-सोयाबीन की सब्जी दी जा रही थी। डीएम ने भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता की जांच की और व्यवस्था को संतोषजनक पाया।

स्मार्ट क्लास में बच्चों से पूछे सवाल –

जिलाधिकारी ने कक्षाओं में स्मार्ट क्लास के माध्यम से हो रही पढ़ाई भी देखी। कक्षा सात के छात्रों से पर्यावरण प्रभाव और टेंस से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका बच्चों ने संतोषजनक उत्तर दिया। डीएम ने छात्रों की सराहना करते हुए उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

फेस रिकग्निशन से राशन वितरण की प्रक्रिया देखी –

इस दौरान जिलाधिकारी ने आईसीडीएस विभाग द्वारा संचालित फेस रिकग्निशन प्रणाली का भी अवलोकन किया। लाभार्थी आरती देवी का फेस डिटेक्शन कर गर्भवती महिलाओं को दिए जाने वाले ड्राई राशन किट वितरण की प्रक्रिया देखी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित होगी और वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी।

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