कानपुर सेंट्रल स्टेशन से महज दो किलोमीटर दूर दिल्ली-प्रयागराज रेलवे रूट पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अचानक तेज धमाके की आवाज गूंजी। जांच में सामने आया कि ट्रैक के किनारे पड़ा पांच लीटर का एलपीजी सिलिंडर फट गया था। धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और रेलवे कर्मचारियों के साथ स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।घटना की सूचना मिलते ही कैंट, रेलबाजार और चकेरी थाने की पुलिस, आरपीएफ और क्राइम ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
ट्रैक किनारे मिला संदिग्ध बैग
घटनास्थल पर पुलिस को एक फटा हुआ बोरी का बैग भी मिला, जिसने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया। इस बैग के अंदर कपड़े, बर्तन, मोबाइल फोन, आधार कार्ड समेत कई निजी दस्तावेज मिले। आधार कार्ड प्रतापगढ़ निवासी ओम प्रकाश मिश्रा के नाम पर था।पुलिस ने तुरंत दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और प्रतापगढ़ स्थित उनके घर संपर्क किया। वहां से जानकारी मिली कि ओम प्रकाश मिश्रा दिल्ली में गार्ड की नौकरी करते हैं और हाल ही में घर लौटने वाले थे। इससे यह आशंका और गहराई कि यह बैग कहीं ट्रेन से गिरा या फेंका गया हो सकता है।
महाबोधी एक्सप्रेस से गिरने की आशंका, साजिश से भी इनकार नहीं
रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि घटना से कुछ समय पहले इस रूट से महाबोधी एक्सप्रेस गुजरी थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सिलिंडर और बैग उसी ट्रेन से गिरा हो सकता है। आरपीएफ के सीओ विवेक वर्मा के मुताबिक, यह भी संभव है कि किसी मजदूर के सामान से यह सिलिंडर गिर गया हो।हालांकि, पुलिस इस मामले को केवल दुर्घटना मानकर नहीं चल रही है। साजिश और शरारत के एंगल से भी जांच की जा रही है, क्योंकि इससे पहले भी इस रूट पर छोटे सिलिंडर मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
गैस लीकेज के चलते फेंका गया सिलिंडर? जताई आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच में सिलिंडर के एक किनारे पर बड़ा छेद पाया गया है, जिससे तेज गैस रिसाव की संभावना जताई जा रही है। पुलिस का मानना है कि यदि ट्रेन के अंदर गैस लीक हुई होगी, तो यात्रियों ने घबराकर सिलिंडर को बाहर फेंक दिया होगा।बैग में मोबाइल और अन्य जरूरी सामान का मिलना इस बात की ओर इशारा करता है कि यह फैसला आनन-फानन में लिया गया होगा। फिलहाल पुलिस, आरपीएफ और क्राइम ब्रांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच में जुटी हैं।इस घटना ने रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और यात्रियों की सतर्कता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह महज हादसा था या इसके पीछे कोई बड़ी लापरवाही या साजिश छिपी है।


