Kanpur Lamborghini accident latest update: कानपुर में लैंबॉर्गिनी दुर्घटना मामले में ड्राइवर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। इस दौरान उसने बताया कि गाड़ी वह स्वयं चला रहा था। घटना के बाद वह कोने में खड़ा हो गया था। लैंबॉर्गिनी ड्राइवर वकील के साथ अदालत पहुंचा। लेकिन अदालत ने यह कहते हुए सरेंडर अस्वीकार कर दिया कि वह पुलिस की रिपोर्ट में वांछित नहीं है। इसके पहले पुलिस कमिश्ननर ने कहा था कि कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था और उसी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी। पुलिस उपायुक्त सेंट्रल ने तो यहां तक कह दिया था कि अपने आप को बचाने के लिए लोग तरह-तरह के बहाने बनाते हैं।
8 फरवरी की घटना
उत्तर प्रदेश के कानपुर के ग्वालटोली थाना क्षेत्र अंतर्गत लैंबॉर्गिनी कार ने कई लोगों को टक्कर मारते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। लैंबॉर्गिनी कार से छह घायल हो गए थे। इस कार की कीमत करीब 10 करोड़ रुपए है। मामला चर्चा में आने के बाद ही विवादों में आ गया। पुलिस पर आरोप लगा कि वह कार चालक को बचाने के लिए लगी है।
शिवम मिश्रा के वकील ने कहा…
मामला उस समय और चर्चा में आ गया जब शिवम मिश्रा के वकील ने बताया कि कार ड्राइवर चला रहा था। उसके बगल में शिवम मिश्रा बैठा था। जिसकी तबियत बिगड़ गई थी। इसी हड़बड़ाहट में कार अनियंत्रित हो गई। बीते 10 फरवरी को शिवम मिश्रा के पिता के. के. मिश्रा ने ग्वालटोली थाना में अपना बयान दर्ज कराया। जिसमें उन्होंने बताया कि शिवम मिश्रा नहीं बल्कि ड्राइवर गाड़ी चला रहा था। इसी क्रम में आज ड्राइवर के रूप में मोहन को अदालत में सरेंडर कराया गया। इसके साथ ही कार को रिलीज करने के लिए भी याचिका दाखिल की गई। लेकिन अदालत ने यह कहते हुए सरेंडर खारिज कर दिया कि पुलिस की चार्जशीट में वह वांछित नहीं है।
पुलिस ने जांच रिपोर्ट तैयार की।
पुलिस की जांच में निकलकर सामने आया है कि दुर्घटना के समय लैंबॉर्गिनी कार में शिवम मिश्रा अकेले था, जबकि पीछे से आ रही कार में बाउंसर बैठे थे, जो कार का शीशा तोड़कर शिवम मिश्रा को ड्राइवर सीट से बाहर निकालते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का बयान भी है कि दुर्घटना के समय कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों का मानना था कि कार में कोई दूसरा व्यक्ति मौजूद नहीं था। पुलिस ने यह रिपोर्ट एसीजेएम-7 के यहां पेश की है।
क्या कहते हैं पुलिस उपायुक्त सेंट्रल?
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के बाद पुलिस उपायुक्त सेंट्रल अतुल कुमार ने भी शिवम मिश्रा को ही लैंबॉर्गिनी कार का चालक बताया। उन्होंने कहा कि आरोपी अपने आप को बचाने के लिए तरह-तरह की बातें करते हैं, लेकिन पुलिस विवेचना में यह बात स्पष्ट रूप से निकलकर सामने आई है कि कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था। 10 फरवरी को शिवम मिश्रा के पिता के. के. मिश्रा ने ग्वालटोली थाने में आकर अपना बयान दर्ज कराया था। इस दौरान उन्होंने बताया था कि शिवम मिश्रा का दिल्ली के किसी अस्पताल में उपचार चल रहा है।


