गोपालगंज में पछुआ हवा से बढ़ी कनकनी:धूप से दिन में थोड़ी राहत, सुबह-शाम ज्यादा असर, तापमान 8 से 21 डिग्री के बीच

गोपालगंज में पछुआ हवा से बढ़ी कनकनी:धूप से दिन में थोड़ी राहत, सुबह-शाम ज्यादा असर, तापमान 8 से 21 डिग्री के बीच

गोपालगंज जिले में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। पिछले कुछ दिनों से चल रही पछुआ हवाओं के कारण कनकनी और गलन बढ़ गई है, हालांकि धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के बाद वहां से आने वाली बर्फीली पछुआ हवाओं ने मैदानी इलाकों में गलन बढ़ा दी है। गोपालगंज में सुबह और शाम के समय तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। हवा की रफ्तार और नमी के मिश्रण से ‘चिल फैक्टर’ बढ़ गया है, जिससे लोगों को अत्यधिक ठंड महसूस हो रही है। यह मौसम विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। लोग चौक-चौराहों पर धूप सेंकते नजर आ रहे
पिछले एक-दो दिनों से मौसम में थोड़ा बदलाव देखा गया है। सुबह से ही धूप निकलने से लोगों को कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली है। लोग छतों, पार्कों और चौक-चौराहों पर धूप सेंकते नजर आ रहे हैं, जिससे दिन का अधिकतम तापमान मामूली रूप से बढ़ा है। कनकनी का असर बाजार और परिवहन पर भी
हालांकि, जैसे ही सूरज ढलता है, पछुआ हवाएं फिर से सक्रिय हो जाती हैं और गलन बढ़ा देती हैं। ठंड और कनकनी का असर बाजार और परिवहन पर भी दिख रहा है, शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव और हीटर का सहारा ले रहे हैं। अधिकतम तापमान 18 से 21 डिग्री सेल्सियस
डॉक्टरों ने इस मौसम में गर्म कपड़ों का उचित प्रयोग करने और गुनगुना पानी पीने की सलाह दी है। जिले का न्यूनतम तापमान लगभग 8 से 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 18 से 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है। जब तक हवा की दिशा में परिवर्तन नहीं होता, तब तक गोपालगंज वासियों को कनकनी और गलन से पूरी तरह निजात मिलने की उम्मीद कम है। गोपालगंज जिले में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। पिछले कुछ दिनों से चल रही पछुआ हवाओं के कारण कनकनी और गलन बढ़ गई है, हालांकि धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के बाद वहां से आने वाली बर्फीली पछुआ हवाओं ने मैदानी इलाकों में गलन बढ़ा दी है। गोपालगंज में सुबह और शाम के समय तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। हवा की रफ्तार और नमी के मिश्रण से ‘चिल फैक्टर’ बढ़ गया है, जिससे लोगों को अत्यधिक ठंड महसूस हो रही है। यह मौसम विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। लोग चौक-चौराहों पर धूप सेंकते नजर आ रहे
पिछले एक-दो दिनों से मौसम में थोड़ा बदलाव देखा गया है। सुबह से ही धूप निकलने से लोगों को कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली है। लोग छतों, पार्कों और चौक-चौराहों पर धूप सेंकते नजर आ रहे हैं, जिससे दिन का अधिकतम तापमान मामूली रूप से बढ़ा है। कनकनी का असर बाजार और परिवहन पर भी
हालांकि, जैसे ही सूरज ढलता है, पछुआ हवाएं फिर से सक्रिय हो जाती हैं और गलन बढ़ा देती हैं। ठंड और कनकनी का असर बाजार और परिवहन पर भी दिख रहा है, शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव और हीटर का सहारा ले रहे हैं। अधिकतम तापमान 18 से 21 डिग्री सेल्सियस
डॉक्टरों ने इस मौसम में गर्म कपड़ों का उचित प्रयोग करने और गुनगुना पानी पीने की सलाह दी है। जिले का न्यूनतम तापमान लगभग 8 से 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 18 से 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है। जब तक हवा की दिशा में परिवर्तन नहीं होता, तब तक गोपालगंज वासियों को कनकनी और गलन से पूरी तरह निजात मिलने की उम्मीद कम है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *