कन्हैयालाल स्मृति साहित्य सम्मान- 2026 का आयोजन हुआ। समारोह में हिंदी साहित्य- साधकों की कृति पर अलग-अलग विधाओं के पांच साहित्यकार सम्मानित हुए।
साहित्यकारों में उपन्यासकार अभिनव सिन्हा, कहानीकार प्रो. रवि कुमार मिश्रा, आलोचक डॉ. जी गणेशन मिश्र, नाट्यकार डॉ. राहुल शुक्ला ‘साहिल’, कवि धीरज श्रीवास्तव को संस्था साहित्य सम्मानों से विभूषित हुए।
विश्व जनचेतना ट्रस्ट के प्रदेश अध्यक्ष साकिब सिद्दीकी बादल को भी शाल और माला पहना कर सम्मानित किया गया। अध्यक्षता शायर अनवार अब्बास ने की। मुख्य अतिथि ऊषा मिश्रा और विशिष्ट अतिथि डॉ. कल्पना वर्मा, उपन्यासकार रंजन पाण्डेय रहे।
सम्मानित रचनाकारों ने कृति से संबंधित उस बात को सबसे साझा किया कि कृति लिखने से पूर्व रचनाकार अनुभूतियों के उस संसार में रहता है जहां घर-परिवार, समाज के विचारों की जमीन पर आंसू, हर्ष और विशाद मौजूद रहते हैं।
अनवार अब्बास ने कहा कि साहित्य की सभी विद्या साहित्य की वह मजबूत कड़ी है जो पाठकों को उनके अनुसार पठनीय सामग्री प्रदान कराती है। ऊषा मिश्रा ने कहा कि साहित्यिक पुस्तक का सम्मान साहित्य जगत की अति अनिवार्य आवश्यकता है। विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार प्रीत ने कहा कि साहित्यकार पैदाइशी सम्मानित व्यक्ति होते हैं। डॉ प्रदीप चित्रांशी ने आभार व्यक्त किया।


