सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के नगर पंचायत बढ़नी चाफा में ‘सनातन उद्घोष कथा महोत्सव’ के शुभारंभ से पूर्व शनिवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। बरघाट स्थित श्री दुर्गा मंदिर परिसर से प्रारंभ हुई इस यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। महोत्सव का आयोजन 14 से 22 फरवरी तक किया जाएगा, जिसे लेकर क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह है। कलश यात्रा में लगभग 1651 से अधिक महिलाओं ने पीले वस्त्र धारण कर सिर पर कलश रखे और भक्ति गीतों, मंत्रोच्चार तथा जयघोष के साथ नगर भ्रमण किया। “हर-हर महादेव” और “जय श्री राम” के नारों से वातावरण गूंज उठा। आयोजन समिति के अनुसार, यह संख्या यात्रा की भव्यता को दर्शाती है। विधिवत पूजन के बाद यात्रा का शुभारंभ हुआ और श्रद्धालु डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों व पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर आगे बढ़ते रहे। देखें, 5 तस्वीरें…
यात्रा में हाथी, गाजे-बाजे और सुसज्जित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोगों ने खड़े होकर यात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा श्री दुर्गा मंदिर बरघाट से निकलकर साउकोठी और साउपुरा गांव होते हुए साउपुरा घाट पहुंची। वहां साध्वी सरस्वती जी के नेतृत्व में वैदिक रीति-रिवाज से विशेष पूजन-अर्चन किया गया। श्रद्धालुओं ने कुआनो नदी से पवित्र जल भरकर कलश में स्थापित किया और पुनः मंदिर परिसर लौटे। मंदिर पहुंचने पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना की गई, जिसके साथ ही कथा महोत्सव के विधिवत शुभारंभ की प्रक्रिया पूर्ण हुई। इस अवसर पर साध्वी सरस्वती जी ने कहा कि सनातन संस्कृति भारत की आत्मा है और ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य करते हैं। उन्होंने कथा महोत्सव को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता का माध्यम बताते हुए श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया।


