छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में 12वीं क्लास के एक स्टूडेंट ने फांसी लगा ली। सुसाइड नोट में लिखा कि स्कूल की जूनियर लड़की ने इंस्टाग्राम पर दोस्ती की। फोन रिचार्ज करवाया, फिर पैसे भी लिए। इसके बाद मुझे फंसा दिया। अपने सीनियर्स से पिटाई करवाई। मामला मुलमुला थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक मृत छात्र का नाम कमलेश जायसवाल (18) है। वह न्यूवोको पब्लिक स्कूल में पढ़ता था। प्राचार्य सुमंतो विश्वास और टीचर अनुपम पाल पर भी मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि मैं निर्दोष था, लेकिन इन लोगों ने मेरी नहीं सुनी। इनके कारण डिप्रेशन में हूं, इन्हें माफी नहीं मिलनी चाहिए। छात्र के सुसाइड के बाद परिजनों ने शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया था। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस की समझाइश के बाद परिजनों ने चक्काजाम खत्म किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पहले ये तस्वीरें देखिए… अब जानिए क्या है पूरा मामला दरअसल, आरसमेटा गांव निवासी कमलेश जायसवाल (18) 12वीं का छात्र है। मस्तूरी के स्कूल में पढ़ रहा था। कमलेश रविवार रात को अपने कमरे में सोने गया था। सोमवार सुबह करीब 9 बजे जब वह नहीं उठा, तो परिजनों ने दरवाजा तोड़कर देखा। कमलेश फंदे से लटका मिला। 4 पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला। कमलेश ने सुसाइड में लिखा कि मैं अभी 12वीं में दूसरे स्कूल में पढ़ता हूं। जब मैं 10वीं में था, तो अनुपम पाल मेरी क्लास टीचर थे। उस समय मेरी जूनियर लड़की ने इंस्टाग्राम पर मुझे फॉलो करना शुरू किया। रोज बात करने लगी। धीरे-धीरे उसने मुझसे पैसे मांगने लगी। इसके बाद मोबाइल रिचार्ज करवाने के लिए कहने लगी। मैंने दोस्तों से पैसे लेकर रिचार्ज कराया, फिर उस लड़की ने स्कूल के सीनियर धनराज साहू को मैसेज भेजकर कहा कि कमलेश मुझे परेशान कर रहा है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं था। इसके बाद सीनियर स्कूल के बाहर मुझे मारने आया। अगले दिन उस लड़की ने सारी बात क्लास टीचर को बता दी, फिर हमें दोनों को प्राचार्य के ऑफिस बुलाया गया। जहां मेरी कोई गलती नहीं थी, वहां मेरी बातों को नहीं सुना गया। प्राचार्य ने लड़की को देखकर पूरी गलती मेरी बताई, जबकि मैं निर्दोष था। इसके बाद मैं उस लड़की से दूर हो गया। धनराज साहू ने मुझे मारने की कोशिश की छात्र ने आगे लिखा कि प्री-एग्जाम के समय फिर धनराज साहू ने मुझे मारने की कोशिश की। इसके बाद मैंने मुलमुला थाने में शिकायत भी की थी। 2 बार मारने के बावजूद प्राचार्य ने फिर मेरी गलती बता दी। जब मैं 11वीं में था, तब सब ठीक था। इसी बीच परीक्षा से एक महीना पहले क्लास 8 की एक लड़की ने मेरे बारे में गलत बातें फैलाना शुरू कर दिया। मेरे चरित्र पर आरोप लगाया। मैंने उस लड़की को कॉल किया, तब उसकी मां ने शिकायत कर दी कि मैं उसकी बेटी को परेशान कर रहा हूं। इसके बाद लड़की की क्लास टीचर ने मुझे डांट दिया। मेरे परिजन को बुलाया गया। मेरे फोन में पूरे सबूत थे, लेकिन प्रिंसिपल ने उसे देखा तक नहीं। लड़की गलत थी, लेकिन मेरी बात नहीं सुनी गई। मृतक के पिता ने न्याय की मांग की छात्र के पिता नारायण प्रसाद जायसवाल ने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल और टीचर मेरे बेटे को 2 साल से प्रताड़ित कर रहे थे। परीक्षा में बेटे को 2 पेपर में उसे जबरदस्ती सप्लीमेंट्री दे दिए। बेटे ने वहां पढ़ने से मना कर दिया। जब रिपोर्ट कार्ड लेने गए तो टीचर ने डुप्लीकेट सिग्नेचर कर उसे निकाल लिया था। उन्होंने न्याय की मांग करते हुए कहा कि दोनों के खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही सहायता राशि की मांग की है। प्राचार्य और टीचर को हटा दिया गया SDOP यदुमणि सिदार ने बताया कि मुलमुला पुलिस मामले की जांच कर रही है। न्यूवोको पब्लिक स्कूल के प्राचार्य सुमंतो विश्वास और क्लास टीचर अनुपम पाल को हटा दिया गया है। कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक आश्वासन के बाद 4 बजे चक्का जाम समाप्त हुआ। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।


