नवादा में न्यायिक और जिला वकील संघ के संयुक्त देखरेख में एक दोस्ताना क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। गांधी इंटर विद्यालय के मैदान पर रविवार को हुए इस मैच में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और न्यायिक कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। जिला एवं सत्र प्रधान न्यायाधीश सुश्री शिल्पी सोनी राज की देखरेख में आयोजित इस टूर्नामेंट में अधिवक्ताओं की टीम विजयी रही। यह मुकाबला 16-16 ओवर का था। पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यायाधीशों की टीम ने निर्धारित 16 ओवर में 122 रन बनाए। जवाब में, अधिवक्ताओं की टीम ने 15 ओवर में 123 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। इस आयोजन से न्यायालय परिसर में खेल भावना और एकजुटता का माहौल देखा गया। खेल हमें शारीरिक, मानसिक तथा आत्मिक रूप से बनाता है मजबूत मैच से पूर्व खिलाड़ियों और दर्शकों को संबोधित करते हुए प्रधान न्यायाधीश सुश्री शिल्पी सोनी राज ने कहा कि यह एक दोस्ताना मुकाबला है, जिसमें हार-जीत महत्वपूर्ण नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खेल की भावना से सभी एकजुट हुए हैं, और खेल हमें शारीरिक, मानसिक तथा आत्मिक रूप से मजबूत बनाता है। मन, शरीर और आत्मा का संतुलन जीवन में प्रगति के लिए महत्वपूर्ण सुश्री राज ने इस आयोजन को 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) से पहले उत्सव की तैयारी का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि मन, शरीर और आत्मा का संतुलन जीवन में प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। यह संदेश वर्तमान के व्यस्त और तनावपूर्ण जीवन में प्रासंगिक है। इस मैच में जिला एवं सत्र प्रधान न्यायाधीश शिल्पी सोनी राज ने अपनी 11 सदस्यीय टीम का नेतृत्व किया, जबकि वकील संघ की टीम की कमान अरविंद कुमार ने संभाली। न्यायिक समुदाय और अधिवक्ताओं के बीच ऐसे खेलकूद आयोजन न केवल स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं, बल्कि आपसी संबंधों को भी सुदृढ़ करते हैं। नवादा में न्यायिक और जिला वकील संघ के संयुक्त देखरेख में एक दोस्ताना क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। गांधी इंटर विद्यालय के मैदान पर रविवार को हुए इस मैच में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और न्यायिक कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। जिला एवं सत्र प्रधान न्यायाधीश सुश्री शिल्पी सोनी राज की देखरेख में आयोजित इस टूर्नामेंट में अधिवक्ताओं की टीम विजयी रही। यह मुकाबला 16-16 ओवर का था। पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यायाधीशों की टीम ने निर्धारित 16 ओवर में 122 रन बनाए। जवाब में, अधिवक्ताओं की टीम ने 15 ओवर में 123 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। इस आयोजन से न्यायालय परिसर में खेल भावना और एकजुटता का माहौल देखा गया। खेल हमें शारीरिक, मानसिक तथा आत्मिक रूप से बनाता है मजबूत मैच से पूर्व खिलाड़ियों और दर्शकों को संबोधित करते हुए प्रधान न्यायाधीश सुश्री शिल्पी सोनी राज ने कहा कि यह एक दोस्ताना मुकाबला है, जिसमें हार-जीत महत्वपूर्ण नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खेल की भावना से सभी एकजुट हुए हैं, और खेल हमें शारीरिक, मानसिक तथा आत्मिक रूप से मजबूत बनाता है। मन, शरीर और आत्मा का संतुलन जीवन में प्रगति के लिए महत्वपूर्ण सुश्री राज ने इस आयोजन को 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) से पहले उत्सव की तैयारी का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि मन, शरीर और आत्मा का संतुलन जीवन में प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। यह संदेश वर्तमान के व्यस्त और तनावपूर्ण जीवन में प्रासंगिक है। इस मैच में जिला एवं सत्र प्रधान न्यायाधीश शिल्पी सोनी राज ने अपनी 11 सदस्यीय टीम का नेतृत्व किया, जबकि वकील संघ की टीम की कमान अरविंद कुमार ने संभाली। न्यायिक समुदाय और अधिवक्ताओं के बीच ऐसे खेलकूद आयोजन न केवल स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं, बल्कि आपसी संबंधों को भी सुदृढ़ करते हैं।


