Jodhpur News: लग्जरी कारों से स्टंट करना पड़ा भारी, एक्शन में आई जोधपुर पुलिस, छात्रों को दिया ऐसा बड़ा झटका

जोधपुर। 12वीं कक्षाओं की फेयरवेल पार्टी के बाद तीन निजी स्कूलों के छात्रों द्वारा लग्जरी कारों को खतरनाक तरीके से चलाने और स्टंट करने के मामले में यातायात पुलिस ने पांच कारों के चालान बनाए हैं। साथ ही दो स्कूलों के प्रिंसिपल को नोटिस भी जारी किए गए हैं।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) शालिनी राज ने बताया कि फेयरवेल पार्टी के बाद छात्र लग्जरी कारों में सड़कों पर निकले और तेज रफ्तार व लापरवाही से वाहन चलाए। सनरूफ से बाहर निकलकर मौज-मस्ती और स्टंट किए गए। इनकी वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई थीं।

पांच कारों की पहचान

वीडियो के आधार पर पांच कारों की पहचान की गई। यातायात निरीक्षक सुनीता गढ़वाल ने पंजीयन नंबर के आधार पर वाहन मालिकों के खिलाफ एमवी एक्ट की धारा 185एफ में चालान बनाए। वाहनों के पंजीयन प्रमाण पत्र (आरसी) जब्त कर अग्रिम कार्रवाई के लिए मोबाइल मजिस्ट्रेट कोर्ट भेजे गए हैं।

मजिस्ट्रेट तय करेंगे जुर्माना

जुर्माने की राशि का निर्धारण मजिस्ट्रेट करेंगे। इसके अलावा एमवी एक्ट के नियमों के उल्लंघन को संरक्षण देने के आरोप में दो स्कूलों के प्राचार्यों को बाल वाहिनी नियमों के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। अन्य वाहनों की पहचान के प्रयास जारी हैं और उनके खिलाफ भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।

एक चालक के पास लर्निंग लाइसेंस मिला

जांच में सामने आया कि पांच में से चार कार चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस था, जबकि एक चालक के पास केवल लर्निंग लाइसेंस मिला। संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आरसी निलंबन के लिए परिवहन विभाग को पत्र लिखा जाएगा।

राजस्थान पत्रिका ने उठाया था मुद्दा

इस मामले को लेकर राजस्थान पत्रिका ने शनिवार के अंक में ‘खतरनाक स्टंट… सनरूफ से बाहर निकलकर डांस, खतरे में डाली जान’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें छात्रों और आमजन की सुरक्षा से जुड़े जोखिम का मुद्दा उठाया गया था। इसके बाद यातायात पुलिस सक्रिय हुई और चालान बनाकर आरसी जब्त करने के साथ दो स्कूलों को नोटिस जारी किए।

एमवी एक्ट की धारा 184 में जुर्माने का प्रावधान

खतरनाक और लापरवाही से वाहन चलाने पर एमवी एक्ट की धारा 184 के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। पहली बार दोषी पाए जाने पर छह माह से एक वर्ष तक की कैद या एक हजार से पांच हजार रुपए तक का जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं। तीन वर्ष के भीतर दोबारा ऐसा करने पर दो वर्ष तक की कैद या दस हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

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