Court Dignity Violation: राजस्थान में रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने और लाइक्स बटोरने की होड़ में लोग मर्यादाओं को तार तार कर रहे हैं। पुलिस थाने या सार्वजनिक स्थानों पर रील्स बनाने का चस्का युवाओं के मन मस्तिष्क में पैठ बना चुका है। युवा बेखौफ होकर रील्स की दुनिया में खो रहे हैं।
ऐसे ही एक मामले में अब बीकानेर के एक ग्राम न्यायालय में घुसकर कुछ युवा ना केवल पीठासीन अधिकारी की कुर्सी पर जा बैठे। बल्कि एक युवा गवाह बॉक्स में खड़े होकर वीडियो बनाता रहा। दोनों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर अब इन कथित युवाओं पर अदालत की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप में कोर्ट आपराधिक अवमानना की कार्यवाही करने पर विचार कर रहा है।
ये है पूरा मामला
राजस्थान हाईकोर्ट ने बीकानेर के ग्राम न्यायालय परिसर में कोर्ट की गरिमा से खिलवाड़ के मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही पर विचार शुरू किया है। यह मामला जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी विज के संदर्भ पर न्यायाधीश संदीप शाह की एकल पीठ के समक्ष आया।
बीते 10 मार्च को न्यायालय बंद होने के दौरान तीन लोग परिसर में घुसे, एक पीठासीन अधिकारी की कुर्सी पर बैठा और दूसरा गवाह बॉक्स में खड़ा रहा। दोनों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे अदालत की गरिमा को ठेस पहुंची।
रील्स बनाने के जुनून में तोड़ रहे कानून
बीते सप्ताह राजसमंद जिले के केलवा थाने के बाहर मनीष भील निवासी लेवा की खादरी थाना नाथद्वारा ने थाना परिसर के बाहर ही रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। रील में आपत्तिजनक और चुनौतीपूर्ण शब्दों का इस्तेमाल किया गया। पूरे शहर में नाम चलता है, फोटो लगी है थाने में, शेर जैसा कलेजा चाहिए खान साहब को हाथ लगाने में…” डायलॉग बोलते हुए आरोपी ने वीडियो पोस्ट कर दिया। वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और ट्रेंड में आ गया। वायरल वीडियो पुलिस को मिलते ही हड़कंप मच गया और पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए सघन अभियान चलाया और कुछ ही घंटे में उसे धर दबोचा।
रील्स में अवैध हथियारों का चलन बढ़ा
हाथों में अवैध हथियार लेकर रील बनाने और ज्यादा लाइक्स हासिल करने का जुनून युवाओं को महंगा पड़ रहा है। सीकर जिले में बीते 29 मार्च को एक ऐसे ही मामले में युवक ने हथियारनुमा लाइटर को लेकर बनाई रील सोशल मीडिया पर वायरल की तो पुलिस ने आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।


