जोधपुर। एटीएस और डांगियावास थाना पुलिस ने कार में जयपुर से जैसलमेर जा रहे जैसलमेर पुलिस लाइन के हेडकांस्टेबल और मोहनगढ़ पंचायत समिति के एलडीसी को बिना लाइसेंसी हथियार परिवहन करते हुए पकड़ा। हेडकांस्टेबल कांग्रेस सरकार में पूर्व मंंत्री का गनमैन रहा है। आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत डांगियावास पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया।
अवैध हथियार परिवहन की सूचना मिली
डांगियावास थानाप्रभारी धोलाराम ने बताया कि एटीएस को अवैध हथियार परिवहन की सूचना थी। एटीएस की सूचना पर उन्होंने भी डांगियावास में नाकाबंदी कराई। इस दौरान जयपुर से आई कार को रुकवाकर तलाशी ली तो उसमें बिना लाइसेंस की 12 बोर गन व कारतूस बरामद हुए।
4 दिन के रिमांड पर भेजा
इस पर अमीन खान पुत्र रमजान खान निवासी पुनासर देवीकोट जैसलमेर, हाल हेडकांस्टेबल पुलिस लाइन जैसलमेर तथा वांगे खां पुत्र सुमार खां निवासी छोटी ढाणी नाचना, हाल एलडीसी ग्राम पंचायत शेखासर, पंचायत समिति मोहनगढ़ को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को डांगियावास में 7 नंबर कोर्ट में पेश किया गया, इस दौरान दोनों मुंह छुपाते नजर आए। कोर्ट ने दोनों को 4 दिन के रिमांड पर भेजा है। 6 अप्रेल को वापस कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस अब अवैध हथियार को लेकर आरोपियों से पूछताछ करेगी।
कार लूट का मामला दर्ज
वहीं दूसरी तरफ युवक ने साजिश के तहत खुद की कार लूटे जाने का मामला दर्ज कराया है। इस संबंध में जैसलमेर निवासी एक युवक ने जोधपुर के विवेक विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें उसने अपने ही परिचित पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित मिश्री खां (27) पुत्र निजाम खां, जो पेशे से ड्राइवर है, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 31 मार्च को सुबह करीब 11:45 बजे उसके गांव के ही रहने वाले गुलाबसिंह पुत्र देवी सिंह राजपूत ने उसे व्हाट्सएप कॉल किया। कॉल के दौरान आरोपी ने कहा कि उसे जोधपुर में जरूरी काम से जाना है, लेकिन उसके पास वाहन नहीं है। उसने तेल का खर्च उठाने का लालच देकर मिश्री खां को अपने साथ ले जाने के लिए राजी कर लिया।
पीड़ित के अनुसार वह आरोपी को लेकर भूरजगढ़ से जोधपुर पहुंचा, लेकिन यहां पहुंचते ही स्थिति बदल गई। आरोप है कि गुलाबसिंह ने पहले से बनाई गई योजना के तहत अपने कुछ अज्ञात साथियों के साथ मिलकर वाहन छीन लिया और मौके से फरार हो गया। घटना के बाद पीड़ित ने विवेक विहार थाने पहुंचकर पूरी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पहले से ही पूरी साजिश रची थी और भरोसे का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया।


