Jaipur Literature Festival 2026: राजस्थान की राजनीति में हर पांच साल में बदलाव मुद्दों और सरकारों की परफॉर्मेंस के आधार पर होता है। निर्णय लेने के हिसाब से राजस्थान की जनता दूसरे प्रदेशों के मुकाबले ज्यादा स्वाभिमानी है। राजस्थान की जनता किसी को बख्सती नहीं, जो भी गलती करेगा वो भरेगा। यह कहना है भाजपा नेता सतीश पूनिया का।
वह शनिवार को जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में ‘फर्स्ट एडिशन: फ्रॉम डायनेस्टिस टू डेमोक्रेसी’ विषय पर आयोजित सेशन में चर्चा कर रहे थे। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार तबीनाह अंजूम और दीप मुखर्जी ने अपनी नई पुस्तक ‘फ्रॉम डायनेस्टिस टू डेमोक्रेसी’ पर बातचीत की।
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में अंजूम ने कहा कि मैं राजस्थान से नहीं हूं, लेकिन पढ़ाई राजस्थान से ही की है। रिपोर्टर के रूप में चुनाव कवर किए हैं। इस समय कई जगहों पर जाने का मौका मिला।
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में पत्रकार तबीनाह अंजूम ने कहा, जब किताब लिखना शुरू किया था, तब लगा कि ये बहुत आसान है, लेकिन धीरे-धीरे कई चुनौतियों का सामना कर बुक लिखी। सीपी जोशी ने कहा कि यह पुस्तक राजस्थान की राजनीति को समझने का अवसर देती है। सत्र का संचालन अनीश ने किया।


