Jaipur Literature Festival 2026: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 न सिर्फ साहित्य और संस्कृति का उत्सव है, बल्कि यह राजधानी जयपुर की अर्थव्यवस्था को भी बड़ी मजबूती देने का काम करेगा। आयोजकों के मुताबिक, 15 जनवरी से शुरू हुए इस वैश्विक साहित्य महोत्सव से जयपुर शहर को 100 करोड़ रुपए से अधिक का आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
बता दें कि यह आंकड़ा दर्शाता है कि बड़े सांस्कृतिक और अनुभवात्मक आयोजन किस तरह पर्यटन, व्यापार और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देते हैं। टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजय के. रॉय के अनुसार, जेएलएफ का असर केवल पांच दिनों तक सीमित नहीं रहता।
फेस्टिवल के चलते होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, खुदरा व्यापार और अन्य सहयोगी क्षेत्रों में व्यापक गतिविधियां बढ़ती हैं। इस आयोजन से करीब 2,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से काम मिलता है, जबकि लगभग 60 स्थानीय व्यवसाय फेस्टिवल से जुड़े रहते हैं।
राजस्थान के पर्यटन को स्थाई लाभ
जेएलएफ की खास बात यह भी है कि इसके दर्शकों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की होती है, जो हर साल दोबारा जयपुर आते हैं। लगभग 30 प्रतिशत दर्शक नियमित रूप से फेस्टिवल में शामिल होते हैं, जिससे राजस्थान के पर्यटन को स्थायी लाभ मिलता है। देश-विदेश से आने वाले मेहमान जयपुर की विरासत, खानपान और बाजारों से भी जुड़ते हैं, जिससे स्थानीय व्यापार को सीधा फायदा होता है।
नवाचार और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
जेएलएफ 2026 में स्टीफन फ्राय, सुधा मूर्ति, टिम बर्नर्स-ली और वीर दास जैसी अंतरराष्ट्रीय और भारतीय हस्तियां शामिल हो रही हैं। फेस्टिवल में अर्थव्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवाचार और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके साथ आयोजित होने वाला ‘जयपुर बुकमार्क’ कार्यक्रम क्षेत्रीय साहित्य, अनुवाद और पब्लिशिंग में एआई की भूमिका पर खास फोकस कर रहा है।
आयोजकों का कहना है कि जेएलएफ जैसे सांस्कृतिक आयोजन केवल साहित्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये शहर की वैश्विक पहचान बढ़ाने, पर्यटन को प्रोत्साहित करने और स्थानीय व्यवसायों को नई ऊर्जा देने का काम करते हैं।


