JJM Mega Scam: राजस्थान में जल जीवन मिशन में हुए 960 करोड़ के महाघोटाले में जलदाय विभाग के कई बड़े अफसरों को एसीबी की एसआइटी ने गिरफ्तार किया है। लेकिन गिरफ्तार होने और जेल जाने के बावजूद आरोपी अफसर अपनी कारगुजारियों से बाज नहीं आ रहे हैं। मामले में गिरफ्तार एक मुख्य अभियंता केडी गुप्ता को एसीबी ने कोर्ट के आदेश के बाद जेल भेज दिया। वहीं आरोपी मुख्य अभियंता के हस्ताक्षर से जारी एक आदेश से जलदाय विभाग के साथ विधानसभा तक में खलबली मच गई।
यह है मामला
जलदाय विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता (ग्रामीण) केडी गुप्ता को शनिवार को 900 करोड़ के टेंडर घोटाले के मामले में शनिवार को जेल भेज दिया गया। लेकिन गुप्ता अब भी जेल से आदेश जारी कर रहे हैं। एक विधायक की ओर से उनके विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत परियोजनाओं में हुए भ्रष्टाचार को लेकर विधानसभा में सवाल लगाया। सवाल को जलदाय विभाग भेजा गया और शनिवार को तत्कालीन मुख्य अभियंता( ग्रामीण) केडी गुप्ता की ओर से आदेश जारी किया गया।
जिसमें सवाल से जुड़ी सभी जानकारी 24 घंटे में भेजने के निर्देश संबधित मुख्य अभियंता,अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं को देने के आदेश दिए गए। लेकिन जैसे ही यह आदेश संबधित अधिकारियों तक पहुंचा तो खलबली मच गई। क्योंकि इस आदेश पर विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता केडी गुप्ता के हस्ताक्षर थे। अधिकारियों का कहना था कि क्या गुप्ता जेल से ही आदेश जारी कर रहे हैं। इस मामले में उच्च अधिकारी कुछ भी कहने से बचते रहे।
और कौन-कौन शिकंजे में?
ACB DG गोविंद गुप्ता और ADG स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में हुई स कार्रवाई में अब तक आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया जा चुका है। इनमें प्रमुख नामों में शामिल हैं:
- केडी गुप्ता, निरिल कुमार, सुशील शर्मा
- डीके गौड़, महेंद्र सोनी, विशाल सक्सेना
- दिनेश गोयल, शुभांशु दीक्षित और अरुण श्रीवास्तव


