10वीं – 12वीं बोर्ड परीक्षा से पहले स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जनवरी–2026 की जिला एकेडमिक रैंकिंग जारी की गई। ताजा रैंकिंग में झुंझुनू प्रदेश के शीर्ष पर रहा। बीकानेर संभाग का हनुमानगढ़ जिला दूसरे और चूरू तीसरे पायदान पर रहा। दरअसल, यह रैंकिंग प्रदेश के समस्त जिलों के शैक्षणिक परिणामों, विद्यालयों के दैनिक संचालन और गवर्नेंस संकेतकों में प्रदर्शन का समग्र आकलन करती है। जिसमें रैंकिंग में छात्रों की नियमित उपस्थिति, कक्षा में शिक्षण की गुणवत्ता, फील्ड विजिट के माध्यम से निगरानी और शैक्षणिक मूल्यांकन में विद्यार्थियों के प्रदर्शन जैसे प्रमुख मानकों को शामिल किया गया है। शिक्षा अधिकारियों के मुताबिक सीखने के परिणामों पर बढ़ते जोर और उच्च स्तर पर नियमित प्रदर्शन समीक्षाओं के साथ, जिला रैंकिंग स्कूल शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही, लक्षित सहयोग और निरंतर सुधार लाने का एक प्रभावी माध्यम बन रही है। इस वर्ष शैक्षणिक सीखने के परिणामों को औपचारिक रूप से रैंकिंग का हिस्सा बनाया गया है। कॉम्पिटेंसी-बेस्ड असेसमेंट (सीबीए), ओरल रीडिंग फ्लुएंसी (ओआरएफ) असेसमेंट और बोर्ड परीक्षा के नतीजों को विशेष महत्व दिया गया है, ताकि जिलों का प्रदर्शन न केवल प्रशासनिक दक्षता बल्कि शैक्षणिक प्रभाव को भी दर्शा सके। डेटा-आधारित होती है समीक्षा एकेडमिक रैंकिंग का उद्देश्य जिलों के प्रदर्शन की नियमित, डेटा-आधारित समीक्षा करना और स्कूल शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही को मजबूत बनाना है। जिला रैंकिंग और पैरामीटर-वाइज़ स्कोर की हर माह स्कूल शिक्षा विभाग (सीएसई) के सचिव की अध्यक्षता में होने वाली समीक्षा बैठकों में गहन समीक्षा की जाती है, जिसमें कमियों की पहचान कर सुधार के लिए स्पष्ट अगले कदम तय किए जाते हैं। ताजा रैंकिंग के अनुसार झुंझुनूं और हनुमानगढ़ ने अपना शीर्ष स्थान बनाए रखा है। तीसरे पायदान पर चूरू रहा, जिसने गंगानगर को पीछे छोड़ा। सीकर , भरतपुर और खैरतल-तिजारा क्रमशः चौथे, पांचवें और छठे स्थान पर रहे। बांसवाड़ा और जैसलमेर सबसे निचले पायदान पर हैं। हालांकि टॉप 10 में बीकानेर जिले का नाम शामिल नहीं है।


