झांसी को 631 करोड़ के ग्रीनफील्ड बाईपास की सौगात मिली है। यह झांसी-खजुराहो हाइवे (NH-39) के ओरछा तिगैला से झांसी-ललितपुर हाइवे (NH-44) के बनगांव खास गांव तक बनाया जाएगा। जिसकी लंबाई 15.572 किलोमीटर होगी। दक्षिणी हिस्से में फोरलेन ग्रीनफील्ड बाईपास के निर्माण को प्रशासनिक और वत्तीय मंजूरी मिल गई है। हालांकि, अभी पर्यावरणीय मंजूरी की स्थिति स्पष्ट नहीं है। बाईपास बनने से महानगर के अंदर ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। वहीं, हाईवे कनेक्टिविटी मजबूत होगी। उच्च स्तरीय समिति करेगी निगरानी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की संस्तुति के अनुसार यह बाईपास एनएच-44 पर बनगाय खास गांव (किमी 16/920) से शुरू होकर एनएच-39 पर ओरछा तिगेला (किमी 6/650) तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई 15.572 किलोमीटर होगी। निर्माण कार्य इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा कराया जाएगा। निर्माण पर 631.73 करोड़ रुपए खर्च होंगे। परियोजना को 6 मार्च को एसएफसी की मंजूरी मिल चुकी है और इसकी निगरानी उच्च स्तरीय समिति करेगी। एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार इस कॉरिडोर के लिए ग्रीनफील्ड क्षेत्र का चयन किया गया है, जिससे निर्माण कार्य अपेक्षाकृत आसान होगा। परियोजना की मंजूरी पर सांसद अनुराग शर्मा ने खुशी जताते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया। भारी वाहनों का दबाव होगा कम बाईपास बनने से शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा। खासकर ललितपुर से कानपुर की ओर जाने वाले वाहन शहर में प्रवेश किए बिना सीधे निकल सकेंगे, जिससे जाम की समस्या में कमी आएगी। अभी बाईपास न होने से दोनों हाइवे का ट्रैफिक शहर के अंदर से होकर जाता है। इससे आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश, दोनों राज्यों को जोड़ती है। इससे आवागमन सुगम होने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही झांसी से बाहर निकलने में लगने वाला करीब 25 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर भी कम होगा, जिससे समय और ईंधन की बचत होगी।


