झज्जर के सुमित नागल डेविस कप क्वालिफायर्स टीम में शामिल:भारत के नंबर वन टेनिस खिलाड़ी, सिंगल मुकाबलों में देंगे चुनौती

झज्जर के सुमित नागल डेविस कप क्वालिफायर्स टीम में शामिल:भारत के नंबर वन टेनिस खिलाड़ी, सिंगल मुकाबलों में देंगे चुनौती

हरियाणा के झज्जर जिले के रहने वाले भारत के नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल एक बार फिर देश की डेविस कप उम्मीदों का चेहरा बनकर सामने आए हैं। हाल ही में सुमित नागल को नीदरलैंड्स के खिलाफ डेविस कप 2026 क्वालिफायर्स के लिए भारतीय टीम में चुना गया है। मुकाबला 7 और 8 फरवरी को एस. एम. कृष्णा टेनिस स्टेडियम, बेंगलुरु में खेला जाएगा। सुमित नागल के अलावा युकी भांबरी और करण सिंह को मुख्य टीम में जगह मिली है, जबकि दिग्विजय सिंह को रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया गया है। वहीं हरियाणा के खिलाड़ी सुमित नागल ने भारत को पिछले साल 32 सालों का रिकार्ड तोड़ा था और यूरोपीय टीम को हराकर डेविस कप अपने नाम किया था। हाल ही में विश्व रैंकिंग 279 बरकरार विश्व रैंकिंग 279 पर काबिज सुमित नागल हाल ही में राउंड ग्लास टेनिस अकादमी से जुड़े हैं। उनका यह कदम अकादमी के लिए भी मील का पत्थर माना जा रहा है, जिसने खुद को देश के सबसे भरोसेमंद और महत्वाकांक्षी हाई-परफॉर्मेंस टेनिस केंद्रों में स्थापित किया है। पिछले साल जीत चुके डेविस कप सिंगल्स मुकाबलों में सुमित नागल के साथ करण सिंह और दक्षिणेश्वर सुरेश भारत की चुनौती संभालेंगे, जबकि डबल्स में अनुभवी युकी भांबरी के ऋत्विक बोली पल्ली के साथ उतरने की संभावना है। करण सिंह इससे पहले पिछले साल फरवरी में दिल्ली के डीएलटीए कॉम्प्लेक्स में टोगो के खिलाफ डेविस कप में पदार्पण करते हुए अपने सिंगल्स मैच में जीत दर्ज कर चुके हैं। यूरोप की धरती पर जीत दिलाने वाले नायक भारत ने सितंबर में बील, स्विट्जरलैंड में खेले गए डेविस कप 2025 वर्ल्ड ग्रुप-I मुकाबले में मेज़बान टीम को 3-1 से हराकर 2026 क्वालिफायर्स में जगह बनाई थी। यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक रही, 1993 के बाद पहली बार भारत ने यूरोप की धरती पर किसी यूरोपीय देश को हराया और उस जीत के नायक भी सुमित नागल रहे, जिन्होंने अपने दोनों सिंगल्स मुकाबले जीतकर टीम को आगे बढ़ाया। 7 साल की उम्र में टेनिस खेलना शुरू किया सुमित के पिता सुरेश नागल दिल्ली में जेबीटी प्राइमरी टीचर हैं। वहीं उनकी मां कृष्णा देवी घर पर ही रहती हैं और उनकी एक बड़ी बहन साक्षी है, जो दिल्ली में टीजीटी टीचर हैं। उनके पिता ने बताया कि सुमित ने 12वीं की पढ़ाई हरियाणा बोर्ड से पूरी की और रांची से बीए की पढ़ाई की है। पिता सुरेश कुमार ने बताया कि बचपन में सुमित क्रिकेट भी खेलता था और 7 साल की उम्र में ही टेनिस खेलने लग गया था। उसका बचपन से ही टेनिस खेलने में रुझान था। बेटे की जीत ने उनका व पूरे देश का सीना गर्व से चौड़ा किया है।

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