लखनऊ के चिनहट स्तिथ अयोध्या रोड स्थित मटियारी इलाके में इंडियन ओवरसीज बैंक के 38 लॉकर काटकर करोड़ों रुपये के गहने, नकदी और दस्तावेज चोरी करने के मामले में मंगलवार को कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 14 पीड़ितों को उनके गहने वापस कर दिए। हालांकि कई खाताधारकों को अब भी अपने गहने नहीं मिल सके हैं। पुलिस का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही शेष लोगों को भी उनका सामान लौटा दिया जाएगा। 1 साल 2 महीने बाद जेवर वापस पाकर खुश हुए लोगगहने वापस पाने के लिए पीड़ितों को कई बार कोर्ट और थाने के चक्कर काटने पड़े। मालखाने में जमा गहनों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया लंबी होने के कारण देरी हुई। इसके बावजूद जिन 14 लोगों के गहनों की पहचान पूरी हो गई थी। उन्हें कोर्ट के निर्देश पर गहने सौंप दिए गए। 41 लॉकर काटे गए थे, 38 में था सामानइंडियन ओवरसीज बैंक की चिनहट शाखा में 22/23 दिसंबर 2024 की रात सात बदमाशों ने बैंक की पिछली दीवार में सेंध लगाकर वारदात को अंजाम दिया था। बदमाश बैंक के भीतर लॉकर रूम तक पहुंचे और कुल 41 लॉकर काट डाले। इनमें से तीन लॉकर खाली थे, जबकि 38 लॉकर में गहने, नकदी और जरूरी दस्तावेज रखे थे। बदमाश सारा सामान समेटकर बैंक से कुछ दूरी पर खड़ी बाइक से फरार हो गए थे। सुबह घटना की जानकारी होते ही इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर पुलिस के साथ क्राइम टीम, फोरेंसिक यूनिट और डॉग स्क्वॉड ने पहुंचकर जांच शुरू की। पीड़ितों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। मुठभेड़ में दो ढेर, एक घायल, एक ने की आत्महत्याजांच के दौरान पुलिस ने दो आरोपितों को मुठभेड़ में मार गिराया, जबकि एक बदमाश पुलिस एनकाउंटर में घायल हुआ। एक अन्य आरोपित ने पुलिस से बचने के लिए ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। इसके अलावा तीन आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से भारी मात्रा में गहने और अन्य सामान बरामद किया गया। बैंक के पास लॉकर में रखे सामान का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं था। ऐसे में बरामद गहनों को चिनहट थाने के मालखाने में जमा कराया गया और असली मालिकों की पहचान कराने के लिए एसआईटी का गठन किया गया। गहनों की पहचान पूरी होने के बाद जांच टीम ने रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी। इंस्पेक्टर बोले- बाकी की प्रक्रिया जारी इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मंगलवार को 14 लोगों को कानूनी प्रक्रिया के बाद उनके गहने लौटा दिए गए हैं। बाकी पीड़ितों के गहनों की पहचान और दस्तावेजी प्रक्रिया चल रही है। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें भी उनका सामान वापस मिल जाएगा।


