ईसा मसीह के कफन का भारत से कनेक्शन, 40% डीएनए मिलने से हुई पुष्टि

ईसा मसीह के कफन का भारत से कनेक्शन, 40% डीएनए मिलने से हुई पुष्टि

डीएनए विश्लेषण में ईसा मसीह के कफन का भारत से कनेक्शन सामने आ गया है। पढ़कर मन में सवाल आना स्वाभाविक है कि ऐसा कैसे हो सकता है क्योंकि वह कभी भारत आए ही नहीं थे। दरअसल पता चला है कि जिस कपड़े में ईसा मसीह को मृत्यु के बाद लपेटा गया था वो भारत का था। इसे श्राउड ऑफ ट्यूरिन कहा जाता है जो इटली में सुरक्षित रखा है। ईसाई इसे ईसा मसीह का कफन मानते हैं।

40% डीएनए मिलने से हुई पुष्टि

करीब 4.4 मीटर लंबे इस कपड़े पर एक सूली पर चढ़ाए गए व्यक्ति की हल्की छवि दिखाई देती है। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इस पर मिले मानव डीएनए में से करीब 40% हिस्सा भारतीय उपमहाद्वीप से जुड़े वंश का पाया गया है। 40% डीएनए मिलने से ईसा मसीह के कफन का भारत से कनेक्शन होने की पुष्टि हो गई है।

क्या है संभावना?

ईसा मसीह के कफन का बाकी डीएनए ज़्यादातर मध्य-पूर्व और थोड़ी मात्रा में पश्चिमी यूरोप से जुड़ा मिला। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि यह कपड़ा कभी भारतीय लोगों के संपर्क में आया होगा या फिर इसके निर्माण में इस्तेमाल हुआ कपड़ा या धागा भारत से वहाँ गया होगा।

भारत से व्यापार होने के कारण हुआ ऐसा

वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि इससे यह साबित नहीं होता कि ईसा मसीह का भारत से कोई सीधा संबंध था। उनका कहना है कि प्राचीन व्यापार मार्गों के ज़रिए भारत और भूमध्यसागर क्षेत्र के बीच संपर्क था, इसलिए इस तरह का डीएनए मिलना संभव है। विश्लेषण के दौरान इस पवित्र कपड़े पर इंसानों, पौधों, जानवरों और कीड़ों से जुड़े डीएनए के अंश मिले। इससे साफ हुआ कि यह कपड़ा सदियों तक अलग-अलग जगहों और लोगों के संपर्क में रहा है।

कपड़े पर सवाल भी

फिलहाल इस विश्लेषण को अभी अंतिम रूप से प्रमाणित नहीं किया गया है। पहले भी 1988 की रेडियोकार्बन डेटिंग में यह कपड़ा मध्यकाल (1260–1390 ईस्वी) का बताया गया था। नया डीएनए विश्लेषण दिखाता है कि यह कपड़ा एक तरह का जीवित इतिहास है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *