जहानाबाद NEET छात्रा के माता-पिता ने पुलिस पर लगाया आरोप:बेटी की मौत मामले में सुसाइड स्वीकारने के लिए बना रहे दबाव, बड़े लोगों को बचाने का प्रयास

जहानाबाद NEET छात्रा के माता-पिता ने पुलिस पर लगाया आरोप:बेटी की मौत मामले में सुसाइड स्वीकारने के लिए बना रहे दबाव, बड़े लोगों को बचाने का प्रयास

जहानाबाद में नीट छात्रा की मौत के मामले में एक नया मोड़ आया है। पीड़ित छात्रा के माता-पिता ने बिहार पुलिस और डीजीपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि पुलिस उन पर बेटी की आत्महत्या स्वीकार करने का दबाव बना रही है, जबकि उनका मानना है कि यह बलात्कार और हत्या का मामला है। माता-पिता के अनुसार, उन्हें एक पुलिस अधिकारी का फोन आया जिसमें बताया गया कि डीजीपी उन्हें पटना बुला रहे हैं। डीजीपी कार्यालय पहुंचने पर उन पर यह स्वीकार करने का दबाव बनाया गया कि उनकी बेटी के साथ बलात्कार नहीं हुआ, बल्कि उसने आत्महत्या की है। लोगों को बचाने का प्रयास कर रही पुलिस पीड़ित परिवार ने इस बात से इनकार किया और कहा कि उनकी बेटी के साथ बलात्कार हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस घटना में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है और बड़े लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। माता-पिता ने बताया कि इसके बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यालय चलने को कहा गया, लेकिन उन्होंने न्याय न मिलने का हवाला देते हुए इनकार कर दिया। वहां से निकलने पर पुलिस ने कई किलोमीटर तक उनका पीछा किया और उन्हें ले जाने का प्रयास किया। परिवार को फंसाने की कोशिश करने की आशंका पीड़ित परिवार ने पुलिस के रवैये पर अविश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अब पुलिस से न्याय की उम्मीद नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि उनके परिवार को ही इस घटना में फंसाने की कोशिश की जा सकती है। अब उन्हें केवल न्यायालय पर भरोसा है। उन्होंने अपनी सुरक्षा की भी गुहार लगाई है, क्योंकि उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा प्रदान नहीं की गई, तो उनके साथ कोई अप्रिय घटना घट सकती है। छात्रा की मां ने भी पुलिस पर दबाव बनाने और मामले को रफा-दफा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस बड़े लोगों को बचाने में लगी है। जहानाबाद में नीट छात्रा की मौत के मामले में एक नया मोड़ आया है। पीड़ित छात्रा के माता-पिता ने बिहार पुलिस और डीजीपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि पुलिस उन पर बेटी की आत्महत्या स्वीकार करने का दबाव बना रही है, जबकि उनका मानना है कि यह बलात्कार और हत्या का मामला है। माता-पिता के अनुसार, उन्हें एक पुलिस अधिकारी का फोन आया जिसमें बताया गया कि डीजीपी उन्हें पटना बुला रहे हैं। डीजीपी कार्यालय पहुंचने पर उन पर यह स्वीकार करने का दबाव बनाया गया कि उनकी बेटी के साथ बलात्कार नहीं हुआ, बल्कि उसने आत्महत्या की है। लोगों को बचाने का प्रयास कर रही पुलिस पीड़ित परिवार ने इस बात से इनकार किया और कहा कि उनकी बेटी के साथ बलात्कार हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस घटना में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है और बड़े लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। माता-पिता ने बताया कि इसके बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यालय चलने को कहा गया, लेकिन उन्होंने न्याय न मिलने का हवाला देते हुए इनकार कर दिया। वहां से निकलने पर पुलिस ने कई किलोमीटर तक उनका पीछा किया और उन्हें ले जाने का प्रयास किया। परिवार को फंसाने की कोशिश करने की आशंका पीड़ित परिवार ने पुलिस के रवैये पर अविश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अब पुलिस से न्याय की उम्मीद नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि उनके परिवार को ही इस घटना में फंसाने की कोशिश की जा सकती है। अब उन्हें केवल न्यायालय पर भरोसा है। उन्होंने अपनी सुरक्षा की भी गुहार लगाई है, क्योंकि उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा प्रदान नहीं की गई, तो उनके साथ कोई अप्रिय घटना घट सकती है। छात्रा की मां ने भी पुलिस पर दबाव बनाने और मामले को रफा-दफा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस बड़े लोगों को बचाने में लगी है।  

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