जहानाबाद में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच को लेकर पीड़ित परिजनों का असंतोष बढ़ता जा रहा है। विशेष जांच टीम (एसआईटी) पांचवें दिन भी जहानाबाद पहुंची, लेकिन परिजन जांच की दिशा और कार्यशैली से संतुष्ट नहीं हैं। परिजनों का आरोप है कि एसआईटी टीम बार-बार एक जैसे सवाल पूछ रही है। वे यह संकेत देने की कोशिश कर रहे हैं कि छात्रा ने आत्महत्या की है, जबकि परिवार शुरू से ही इसे सुनियोजित हत्या का मामला बता रहा है। उनका कहना है कि जांच एकतरफा तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है। मानसिक रूप से किया जा रहा प्रताड़ित मीडिया से बातचीत में परिजनों ने बताया कि जांच के नाम पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी को खोया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें ही संदेह के घेरे में खड़ा किया जा रहा है। परिजनों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “हमने अपना सब कुछ खो दिया है, फिर भी हमसे बार-बार वही सवाल पूछे जा रहे हैं। यह समझ से परे है कि जांच आखिर किस दिशा में जा रही है।” मामले को आत्महत्या बताने की कोशिश पत्रकारों द्वारा एसआईटी की जांच को लेकर संतुष्टि के बारे में पूछे जाने पर, परिजनों ने साफ कहा कि वे जांच एजेंसी की कार्यशैली से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि शुरुआत से ही मामले को आत्महत्या के रूप में साबित करने की कोशिश की जा रही है, जबकि हत्या की आशंका को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, साथ ही दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की भी अपील की है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भी गहरा आक्रोश है। वे न्याय की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। जहानाबाद में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच को लेकर पीड़ित परिजनों का असंतोष बढ़ता जा रहा है। विशेष जांच टीम (एसआईटी) पांचवें दिन भी जहानाबाद पहुंची, लेकिन परिजन जांच की दिशा और कार्यशैली से संतुष्ट नहीं हैं। परिजनों का आरोप है कि एसआईटी टीम बार-बार एक जैसे सवाल पूछ रही है। वे यह संकेत देने की कोशिश कर रहे हैं कि छात्रा ने आत्महत्या की है, जबकि परिवार शुरू से ही इसे सुनियोजित हत्या का मामला बता रहा है। उनका कहना है कि जांच एकतरफा तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है। मानसिक रूप से किया जा रहा प्रताड़ित मीडिया से बातचीत में परिजनों ने बताया कि जांच के नाम पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी को खोया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें ही संदेह के घेरे में खड़ा किया जा रहा है। परिजनों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “हमने अपना सब कुछ खो दिया है, फिर भी हमसे बार-बार वही सवाल पूछे जा रहे हैं। यह समझ से परे है कि जांच आखिर किस दिशा में जा रही है।” मामले को आत्महत्या बताने की कोशिश पत्रकारों द्वारा एसआईटी की जांच को लेकर संतुष्टि के बारे में पूछे जाने पर, परिजनों ने साफ कहा कि वे जांच एजेंसी की कार्यशैली से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि शुरुआत से ही मामले को आत्महत्या के रूप में साबित करने की कोशिश की जा रही है, जबकि हत्या की आशंका को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, साथ ही दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की भी अपील की है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भी गहरा आक्रोश है। वे न्याय की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं।


