Jeffrey Epstein Dangerous Network: अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) की ओर से जारी नई फाइलों में जेफरी एपस्टीन (Jeffrey Epstein) के उस नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसका उपयोग वह अपने संपर्क में आने वाली महिलाओं के आप्रवासन (Immigration) स्टेटस को नियंत्रित करने के लिए करता था। इन दस्तावेजों के अनुसार, एपस्टीन ने छात्र वीजा, इंग्लिश लैंग्वेज स्कूल, वर्क परमिट और फर्जी शादियों का एक जटिल जाल बुना था।
फाइलों से पता चलता है कि एपस्टीन महिलाओं को अंग्रेजी भाषा के स्कूलों में नामांकित करवाता था ताकि उन्हें आसानी से छात्र वीजा मिल सके। वह स्वयं उनका वित्तीय प्रायोजक बनता था और फीस का भुगतान करता था। 2017 के ईमेल रिकॉर्ड बताते हैं कि उसने रूस और पेरिस की महिलाओं के लिए ‘I-20’ फॉर्म और वीजा सुरक्षित करने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा वह ‘O-1’ श्रेणी के वर्क वीजा का भी उपयोग करता था, जिसमें महिलाओं को मॉडलिंग या आर्ट क्यूरेशन में विशेषज्ञ बताया जाता था। ‘O-1’ श्रेणी के वर्क वीजा असाधारण प्रतिभा वाले लोगों के लिए होता है।
करीना शुलियाक का मामला
एपस्टीन की हेरफेर का सबसे स्पष्ट उदाहरण करीना शुलियाक का मामला है। एपस्टीन ने 2011 में Columbia University के डेंटल स्कूल में उसके प्रवेश की व्यवस्था की। जब उसके वीजा को लेकर बाधाएं आईं, तो एपस्टीन ने बड़े राजनीतिक संपर्कों और महंगे वकीलों का सहारा लिया। दस्तावेजों में पूर्व व्हाइट हाउस काउंसिल और अन्य उच्चाधिकारियों के नामों का भी उल्लेख है, हालांकि उनके सीधे संलिप्त होने के प्रमाण नहीं मिले हैं।
नागरिकता के लिए विवाह
जब वीजा के अन्य रास्ते कठिन हो गए, तो एपस्टीन ने विवाह के माध्यम से स्थायी निवास दिलाने की रणनीति अपनाई। 2013 में शुलियाक ने न्यूयॉर्क में शादी की और 2015 तक उसे ‘ग्रीन कार्ड’ मिल गया। 2018 में अमेरिकी नागरिक बनते ही उसने तलाक की प्रक्रिया शुरू कर दी। वकीलों के बीच हुए पत्राचार में इस सफलता पर जश्न मनाने की बातें भी सामने आई हैं।
आखिरकार, ये रिकॉर्ड दर्शाते हैं कि एपस्टीन ने अपने रसूख और धन का उपयोग कर अमेरिकी आप्रवासन प्रणाली की खामियों का फायदा उठाया, ताकि वह महिलाओं को अपने नियंत्रण में रख सके।


