स्कूलों और आंगनबाड़ी के बच्चों की ड्रेस सिलाई का कारोबार जीविका दीदियों के हवाले है। जीविका दीदियों के बीच इसका सालाना कारोबार बढ़ाकर 225 करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है। साल 2022 में शुरू जीविका दीदी के सिलाई घर के लिए 15 जिलों में 25 आधुनिक सिलाई सह उत्पादन केंद्र एवं प्रखंड स्तरीय 1050 सिलाई केंद्र स्थापित हैं। इन सिलाई केंद्रों पर सेवा देने के लिए 45 हजार 945 दीदियों को प्रशिक्षित किया गया है। जीविका दीदियों के माध्यम से आने वाले समय में एक लाख 13 हजार 971 स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को ड्रेस उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। राज्य के सभी प्रमंडलों में करीब 50 लाख बच्चों को ड्रेस तैयार कर उन्हें प्रति वर्ष दो सेट के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार में आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए ड्रेस की सिलाई का जिम्मा जीविका दीदियों को सौंपा गया है। राज्य में यह एक बड़ा आर्थिक बदलाव है। जीविका दीदियों के हाथों बच्चों का ड्रेस तैयार किए जाने से बड़े पैमाने पर टर्नओवर और रोजगार सृजन की संभावना बन रही है। आने वाले दिनों में इसे सरकारी स्कूलों में भी लागू किया जाएगा। स्कूलों और आंगनबाड़ी के बच्चों की ड्रेस सिलाई का कारोबार जीविका दीदियों के हवाले है। जीविका दीदियों के बीच इसका सालाना कारोबार बढ़ाकर 225 करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है। साल 2022 में शुरू जीविका दीदी के सिलाई घर के लिए 15 जिलों में 25 आधुनिक सिलाई सह उत्पादन केंद्र एवं प्रखंड स्तरीय 1050 सिलाई केंद्र स्थापित हैं। इन सिलाई केंद्रों पर सेवा देने के लिए 45 हजार 945 दीदियों को प्रशिक्षित किया गया है। जीविका दीदियों के माध्यम से आने वाले समय में एक लाख 13 हजार 971 स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को ड्रेस उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। राज्य के सभी प्रमंडलों में करीब 50 लाख बच्चों को ड्रेस तैयार कर उन्हें प्रति वर्ष दो सेट के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार में आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए ड्रेस की सिलाई का जिम्मा जीविका दीदियों को सौंपा गया है। राज्य में यह एक बड़ा आर्थिक बदलाव है। जीविका दीदियों के हाथों बच्चों का ड्रेस तैयार किए जाने से बड़े पैमाने पर टर्नओवर और रोजगार सृजन की संभावना बन रही है। आने वाले दिनों में इसे सरकारी स्कूलों में भी लागू किया जाएगा।


