सहरसा में जीविका ने जेंडर इक्वलिटी पर वर्कशॉप की:नई चेतना अभियान 4.0 के तहत हुआ डिस्ट्रिक्ट लेवल इवेंट

सहरसा में जीविका ने जेंडर इक्वलिटी पर वर्कशॉप की:नई चेतना अभियान 4.0 के तहत हुआ डिस्ट्रिक्ट लेवल इवेंट

सहरसा में जीविका जेंडर इंटीग्रेशन सह नई चेतना अभियान 4.0 के तहत समाहरणालय सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को विकास की अग्रिम पंक्ति में लाना, लैंगिक समानता को मजबूत करना तथा जमीनी स्तर पर सामाजिक बदलाव को गति देना था। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार, सिविल सर्जन राज नारायण प्रसाद, कला संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा और जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जिला परियोजना प्रबंधक ने सभी अतिथियों का स्वागत किया कार्यक्रम की शुरुआत में जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने नई चेतना अभियान 4.0 की रूपरेखा, उद्देश्य और जेंडर इंटीग्रेशन की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जीविका के माध्यम से महिलाओं को केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक रूप से भी सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। उप विकास आयुक्त गौरव कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि नई चेतना अभियान महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, आत्मनिर्भर एवं निर्णय लेने में सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जेंडर इंटीग्रेशन केवल योजनाओं तक सीमित न रहकर परिवार और समाज के व्यवहार में भी दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, अवैतनिक श्रम की पहचान और संसाधनों तक समान पहुंच से ही समावेशी विकास संभव है। प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार साझा किए कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डीआरडीए निदेशक श्री वैभव कुमार एवं जिला सहायक निबंधक, सहयोग समिति रजिस्ट्रार ने महिलाओं के अधिकार, कानूनी संरक्षण, संस्थागत सहयोग और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार साझा किए। पैनल डिस्कशन के दौरान कला संस्कृति पदाधिकारी श्रीमती स्नेहल झा और डीपीओ आईसीडीएस सहित अन्य वक्ताओं ने महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक एवं मानसिक सशक्तिकरण को सामाजिक परिवर्तन की कुंजी बताया। लैंगिक समानता को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया बताया गया कि नई चेतना अभियान के तहत 25 नवंबर 2025 से अब तक जीविका की 29 संकुल स्तरीय संघों, 1635 ग्राम संगठनों एवं 31,369 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लैंगिक समानता को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया है। इस कार्यशाला में जिले के सभी संकुल संघ की लीडर, एंकर पर्सन, प्रखंड परियोजना प्रबंधक, जेंडर समन्वयक, सक्षम दीदी सहित बड़ी संख्या में जीविका से जुड़ी महिलाएं मौजूद रहीं। > सहरसा में जीविका जेंडर इंटीग्रेशन सह नई चेतना अभियान 4.0 के तहत समाहरणालय सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को विकास की अग्रिम पंक्ति में लाना, लैंगिक समानता को मजबूत करना तथा जमीनी स्तर पर सामाजिक बदलाव को गति देना था। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार, सिविल सर्जन राज नारायण प्रसाद, कला संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा और जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जिला परियोजना प्रबंधक ने सभी अतिथियों का स्वागत किया कार्यक्रम की शुरुआत में जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने नई चेतना अभियान 4.0 की रूपरेखा, उद्देश्य और जेंडर इंटीग्रेशन की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जीविका के माध्यम से महिलाओं को केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक रूप से भी सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। उप विकास आयुक्त गौरव कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि नई चेतना अभियान महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, आत्मनिर्भर एवं निर्णय लेने में सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जेंडर इंटीग्रेशन केवल योजनाओं तक सीमित न रहकर परिवार और समाज के व्यवहार में भी दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, अवैतनिक श्रम की पहचान और संसाधनों तक समान पहुंच से ही समावेशी विकास संभव है। प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार साझा किए कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डीआरडीए निदेशक श्री वैभव कुमार एवं जिला सहायक निबंधक, सहयोग समिति रजिस्ट्रार ने महिलाओं के अधिकार, कानूनी संरक्षण, संस्थागत सहयोग और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार साझा किए। पैनल डिस्कशन के दौरान कला संस्कृति पदाधिकारी श्रीमती स्नेहल झा और डीपीओ आईसीडीएस सहित अन्य वक्ताओं ने महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक एवं मानसिक सशक्तिकरण को सामाजिक परिवर्तन की कुंजी बताया। लैंगिक समानता को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया बताया गया कि नई चेतना अभियान के तहत 25 नवंबर 2025 से अब तक जीविका की 29 संकुल स्तरीय संघों, 1635 ग्राम संगठनों एवं 31,369 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लैंगिक समानता को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया है। इस कार्यशाला में जिले के सभी संकुल संघ की लीडर, एंकर पर्सन, प्रखंड परियोजना प्रबंधक, जेंडर समन्वयक, सक्षम दीदी सहित बड़ी संख्या में जीविका से जुड़ी महिलाएं मौजूद रहीं। >  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *