मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। भरी मीटिंग में जीतू पटवारी को मिली नसीहत
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने खुद का रियलिटी चेक किया, लेकिन उनका यह दांव उलटा पड़ गया। भरी मीटिंग में उन्हें पता चल गया कि वे कितने पानी में हैं। साथ ही उन्हें बड़ी नसीहत भी मिल गई। दरअसल, जीतू पटवारी युवा कांग्रेस की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूछ लिया कि मेरे नेतृत्व में संगठन कैसा चल रहा है, मेरा कामकाज कैसा है। एक कार्यकर्ता ने उनसे कहा कि आप कार्यकर्ताओं से नहीं मिलते। कार्यकर्ता ने जीतू पटवारी को उनके मंत्रीकाल के दौरान का एक किस्सा सुना दिया कि कैसे वह डेढ़-दो घंटे उनसे मिलने के लिए इंतजार करता रहा। पटवारी आए और कार में बैठकर चले गए, उससे नहीं मिले। कार्यकर्ता ने सबके सामने जीतू पटवारी को नसीहत दी कि कोई कार्यकर्ता आपसे मिलने आए, अपनी बात कहना चाहे तो थोड़ा सा, दो मिनट उसे गंभीरता से सुन लें। वैसे खरी बात यह है कि इसी ‘चलो-चलो’ के चक्कर में कांग्रेस की सरकार चली गई थी। ऐसे में कार्यकर्ता ने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व की आंखें खोलने का काम किया है। उम्मीद है पीसीसी चीफ कार्यकर्ता से मिले इस दिव्य ज्ञान को आत्मसात करेंगे। सज्जन वर्मा का दर्द छलका, पार्टी पर किया तंज
मध्य प्रदेश कांग्रेस के ज्यादातर सीनियर नेता खुद को राज्यसभा जाने की दौड़ से बाहर बता चुके हैं। जब पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा से राज्यसभा जाने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि मेरे मन में तो है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने अपना दर्द भी बयां किया। सज्जन वर्मा ने कहा कि हम जैसे लोगों को बड़ा मुश्किल होता है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि हम लोग पहुंच जाएं राज्यसभा में, तो दूसरे नेताओं की दुकान बंद हो जाएगी। अब कांग्रेस एकजुटता के भले ही लाख दावे करे, लेकिन सज्जन वर्मा के इस तंज ने बता दिया कि पार्टी में ‘ऑल इज वेल’ जैसी स्थिति तो नहीं है। शिखा नहीं रखने पर फंसे पं. गुरु शरण शर्मा
दतिया में पंडोखर धाम में हनुमान जन्मोत्सव को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए कथावाचक पंडित गुरु शरण शर्मा मीडिया के एक सवाल पर फंस गए। फिर गोलमोल जवाब देते हुए एक कहानी सुना दी। मीडिया कर्मियों ने उनसे पूछा कि जब आप सनातन और धर्म की मजबूती की बात करते हैं, तो खुद शिखा धारण क्यों नहीं किए हुए हैं। इस सवाल पर पहले तो पंडित गुरु शरण शर्मा मुस्कुराए, फिर कहा कि हाल ही में उनके पिता का निधन हुआ था। अंतिम संस्कार के दौरान मुंडन कराते समय अचानक तेज छींक आ गई, जिससे उनकी शिखा कट गई। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने जवाब को गंभीरता से लेते हुए माफी भी मांगी और कहा कि वे जल्द ही फिर से शिखा धारण करेंगे। उन्होंने शिखा का महत्व बताते हुए कहा कि यह केवल कर्मकांडी ब्राह्मणों के लिए ही नहीं, बल्कि हर सनातनी के लिए महत्वपूर्ण है। कैलाश विजयवर्गीय के भजन पर झूमे श्रद्धालु
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक बार फिर अपना टैलेंट दिखाया है। उन्होंने इंदौर में एक धार्मिक आयोजन में ऐसा भजन गाया कि वहां मौजूद हर कोई खुद को थिरकने से नहीं रोक सका। कैलाश विजयवर्गीय ने माइक थामते ही लोगों से पूछा कि सीरियस भजन सुनोगे या नाचने वाला। फिर पब्लिक की ओर से आवाज आई- नाचने वाला। इस पर विजयवर्गीय ने ‘मीठे रस से भरी राधा रानी लागे’ भजन सुनाया। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), राधावल्लभ मिश्रा (दतिया) ये भी पढ़ें –
बिजली बिल मांगा तो नगर परिषद ने बिजली ऑफिस के आगे कचरा उड़ेला; भाजपा नेता ने गड्ढे में लगाया आसन सागर के शाहगढ़ में नगर परिषद ने हैरान कर देने वाला कारनामा किया है। यहां बिजली विभाग ने अपने बकाया बिल की राशि मांगी तो नगर परिषद ने बिजली कंपनी के दफ्तर के गेट पर कचरा डाल दिया। इधर, ग्वालियर में सड़क निर्माण की मांग को लेकर भाजपा पार्षद ने सड़क के बीच गड्ढे में बैठकर धरना दिया। पूरी खबर पढ़ें


