कोटा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से जेईई मेन जनवरी सेशन के स्कोर कार्ड सोमवार को जारी कर दिए गए। परिणाम में राजस्थान फिर नंबर वन रहा। 100 परसेंटाइल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की राज्यवार संख्या में राजस्थान ने देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। राजस्थान से सर्वाधिक तीन विद्यार्थियों ने 100 परसेंटाइल प्राप्त किए। आंध्र प्रदेश दो विद्यार्थियों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। जबकि दिल्ली-एनसीटी, बिहार, उड़ीसा, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात और तेलंगाना से एक-एक विद्यार्थी 100 परसेंटाइल प्राप्त कर संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे।
राजस्थान से 100 परसेंटाइल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में कबीर छिल्लर, चिरंजीब कर और अर्णव गौतम शामिल हैं। ये तीनों कोटा के निजी कोचिंग इंस्टीट्यूट से हैं। हालांकि इस वर्ष 100 परसेंटाइल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 14 से घटकर 12 रह गई। कबीर ने 100 परसेंटाइल के साथ 300 में से 300 अंक हासिल किए हैं। कबीर दो साल से कोटा में कोचिंग कर रहा है। इसके साथ ही अर्णव गौतम, शुभम कुमार और चिरंजीब कर भी कोटा कोचिंग स्टूडेंट्स हैं, जबकि भावेश पात्रा, अनय जैन और निमय पुरोहित अन्य सेंटर से हैं। उन्होंने 100 परसेंटाइल स्कोर किया है।
छात्राओं में 100 परसेंटाइल नहीं
इस वर्ष महिला अभ्यर्थियों में किसी को भी 100 परसेंटाइल प्राप्त नहीं हुआ। अशी ग्रेवाल 99.9969766 परसेंटाइल के साथ ऑल इंडिया फीमेल टॉपर रही। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा का मानना है कि प्रश्नपत्र के कठिनाई स्तर और प्रतिस्पर्धा बढ़ने से परफेक्ट स्कोर प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में कमी आई है।
100 परसेंटाइल प्राप्त करने वाले विद्यार्थी
- कबीर छिल्लर – राजस्थान
- चिरंजीब कर – राजस्थान
- अर्णव गौतम – राजस्थान
- श्रेयस मिश्रा – दिल्ली एनसीटी
- नरेंद्र बाबू – आंध्र प्रदेश
- शुभम कुमार – बिहार
- भावेश पात्रा – उड़ीसा
- अनय जैन – हरियाणा
- पसाला मोहित – आंध्र प्रदेश
- माधव वैराध्य – महाराष्ट्र
- निमय पुरोहित – गुजरात
- विरान शरद – तेलंगाना
कोटा में नेशनल लेवल का सेल्फ एनालिसिस : कबीर छिल्लर
जेईई मेन जनवरी सेशन में 300 में से 300 अंक हासिल करने वाले कबीर छिल्लर का मानना है कि मेहनत और निरंतर सेल्फ एनालिसिस से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। कबीर पिछले दो वर्ष से कोटा में नियमित क्लासरूम स्टूडेंट के रूप में तैयारी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि फैकल्टी का मार्गदर्शन और माता-पिता का सहयोग उनकी सफलता में महत्वपूर्ण रहा। कबीर ने 10वीं कक्षा 98 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। उनके पिता मोहित छिल्लर आईआईटीयन हैं और मां प्रियंका छिल्लर प्राइवेट टीचर हैं। कोटा कोचिंग में पढ़ाई उनके लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुई। उनका लक्ष्य आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना और आगे चलकर एमआईटी में उच्च अध्ययन करना है। उनका परिवार मूल रूप से गुरुग्राम का निवासी है।


