सुपौल में जदयू कार्यकर्ताओं का धरना:नीतीश को राज्यसभा भेजने की चर्चा पर नाराजगी, CM पद पर बनाए रखने की मांग

सुपौल में जदयू कार्यकर्ताओं का धरना:नीतीश को राज्यसभा भेजने की चर्चा पर नाराजगी, CM पद पर बनाए रखने की मांग

सुपौल जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने के बीच जदयू कार्यकर्ताओं में नाराजगी और आक्रोश देखने को मिल रहा है। गुरुवार को निर्मली थाना चौक स्थित शिव मंदिर परिसर में जदयू के कई स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना देकर विरोध जताया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पद पर बनाए रखने की मांग की। धरना में शामिल मरौना प्रखंड जदयू अध्यक्ष अमरदेव कामत ने कहा कि बिहार की जनता ने विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के नाम पर ही जदयू को जनादेश दिया था। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान “25 से 30 फिर से नीतीश” का नारा दिया गया था और उसी भरोसे पर जनता, खासकर महिलाओं ने खुलकर वोट दिया था। ऐसे में अचानक मुख्यमंत्री को राज्यसभा भेजने की चर्चा जनता और जदयू कार्यकर्ताओं के साथ विश्वासघात के समान है। कार्यकर्ता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे
अमरदेव कामत ने कहा कि यह पूरी तरह से एक साजिश के तहत किया जा रहा है और इसे कार्यकर्ता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद पर ही बने रहना चाहिए और इसी मांग को लेकर कार्यकर्ता धरना पर बैठे हुए हैं। वहीं जदयू के वरिष्ठ नेता और लौकहा विधानसभा के चुनाव प्रभारी किशोरी साह ने भी इस निर्णय पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि समता पार्टी के समय से ही उन्होंने और उनके साथियों ने लालू-राबड़ी शासन के खिलाफ संघर्ष किया था। कई वर्षों तक गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया और जदयू की विचारधारा को मजबूत किया। महिला सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए
किशोरी साह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के विकास और महिला सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए हैं, लेकिन अचानक उन्हें राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा से कार्यकर्ताओं और आम जनता में निराशा का माहौल बन गया है। उन्होंने कहा कि होली जैसे खुशियों के पर्व के समय ऐसी खबर से कार्यकर्ताओं का मन बेहद दुखी है और इसे वे काला दिन के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार के अलावा किसी अन्य चेहरे से पिछड़ा और अति पिछड़ा समाज का भरोसा जीतना आसान नहीं होगा। आज का समाज पहले की तरह भोला नहीं है, नई पीढ़ी पढ़ी-लिखी है और हर राजनीतिक फैसले को समझती है। धरना कार्यक्रम में देव नारायण साह उर्फ देबू साह, हरि नारायण नायक, गोपाल कुमार, सत्य नारायण मंडल सहित कई अन्य जदयू कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पद पर बनाए रखा जाए और कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान किया जाए। सुपौल जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने के बीच जदयू कार्यकर्ताओं में नाराजगी और आक्रोश देखने को मिल रहा है। गुरुवार को निर्मली थाना चौक स्थित शिव मंदिर परिसर में जदयू के कई स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना देकर विरोध जताया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पद पर बनाए रखने की मांग की। धरना में शामिल मरौना प्रखंड जदयू अध्यक्ष अमरदेव कामत ने कहा कि बिहार की जनता ने विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के नाम पर ही जदयू को जनादेश दिया था। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान “25 से 30 फिर से नीतीश” का नारा दिया गया था और उसी भरोसे पर जनता, खासकर महिलाओं ने खुलकर वोट दिया था। ऐसे में अचानक मुख्यमंत्री को राज्यसभा भेजने की चर्चा जनता और जदयू कार्यकर्ताओं के साथ विश्वासघात के समान है। कार्यकर्ता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे
अमरदेव कामत ने कहा कि यह पूरी तरह से एक साजिश के तहत किया जा रहा है और इसे कार्यकर्ता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद पर ही बने रहना चाहिए और इसी मांग को लेकर कार्यकर्ता धरना पर बैठे हुए हैं। वहीं जदयू के वरिष्ठ नेता और लौकहा विधानसभा के चुनाव प्रभारी किशोरी साह ने भी इस निर्णय पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि समता पार्टी के समय से ही उन्होंने और उनके साथियों ने लालू-राबड़ी शासन के खिलाफ संघर्ष किया था। कई वर्षों तक गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया और जदयू की विचारधारा को मजबूत किया। महिला सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए
किशोरी साह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के विकास और महिला सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए हैं, लेकिन अचानक उन्हें राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा से कार्यकर्ताओं और आम जनता में निराशा का माहौल बन गया है। उन्होंने कहा कि होली जैसे खुशियों के पर्व के समय ऐसी खबर से कार्यकर्ताओं का मन बेहद दुखी है और इसे वे काला दिन के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार के अलावा किसी अन्य चेहरे से पिछड़ा और अति पिछड़ा समाज का भरोसा जीतना आसान नहीं होगा। आज का समाज पहले की तरह भोला नहीं है, नई पीढ़ी पढ़ी-लिखी है और हर राजनीतिक फैसले को समझती है। धरना कार्यक्रम में देव नारायण साह उर्फ देबू साह, हरि नारायण नायक, गोपाल कुमार, सत्य नारायण मंडल सहित कई अन्य जदयू कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पद पर बनाए रखा जाए और कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान किया जाए।  

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