जदयू के नेताओं को थाने से छोड़ा गया:निशांत कुमार की जॉइनिंग से पहले पुलिस ले गई थी, हंगामे की आशंका थी

जदयू के नेताओं को थाने से छोड़ा गया:निशांत कुमार की जॉइनिंग से पहले पुलिस ले गई थी, हंगामे की आशंका थी

पटना में जनता दल (यू) कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम से पहले जदयू के कुछ कार्यकर्ताओं और नेताओं को पुलिस ने एहतियातन थाने में बैठा लिया। ये वही कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं जो पिछले एक साल से निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में लाने की मांग कर रहे थे। सीएम के राज्यसभा जाने का विरोध कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस को आशंका थी कि कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यालय में विरोध या हंगामा हो सकता है, इसलिए एहतियात के तौर पर कुछ नेताओं को थाने में बैठाया गया। संजय झा और ललन सिंह के विरोध की आशंका सूत्रों का कहना है कि पुलिस को इस बात की जानकारी मिली थी कि जदयू कार्यालय में कुछ कार्यकर्ता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं संजय झा और ललन सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए पुलिस ने पहले ही कुछ नेताओं को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से रोक दिया और उन्हें थाने में बैठा दिया। हालांकि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दोपहर करीब 3 बजे पुलिस ने सभी नेताओं को छोड़ दिया। इसके बाद ये नेता जदयू कार्यालय पहुंचे और पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी।ॉ नेताओं ने साजिश का लगाया आरोप जदयू नेता चंदन पटेल ने कहा कि वह लोग पिछले दो साल से निशांत कुमार को राजनीति में लाने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस दिन उनकी पार्टी में जॉइनिंग थी, उसी दिन उन्हें साजिश के तहत थाने में बैठा दिया गया। चंदन पटेल ने कहा कि निशांत कुमार आज पार्टी में शामिल हुए, लेकिन उस ऐतिहासिक मौके पर वे लोग मौजूद नहीं रह सके। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें काफी दुख हुआ है। वहीं जदयू नेता वरुण कुमार ने भी इसी तरह के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वह लोग कई दिनों से इंजीनियर निशांत को राजनीति में लाने की मांग कर रहे थे। अब जब उन्होंने पार्टी जॉइन कर ली और सक्रिय राजनीति में कदम रखा, तो कुछ लोगों की साजिश के कारण उन्हें कार्यालय में आने ही नहीं दिया गया। पीएम मोदी की तस्वीर से छेड़छाड़ के बाद बढ़ी सतर्कता बताया जा रहा है कि बीते दिन पटना स्थित जदयू कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ की घटना सामने आई थी। तस्वीर पर कालिख पोत दी गई थी, जिसके बाद पार्टी और प्रशासन दोनों सतर्क हो गए थे। इसी घटना को देखते हुए पुलिस को आशंका थी कि कार्यक्रम के दौरान फिर से किसी तरह का विरोध या हंगामा हो सकता है। यही वजह थी कि जदयू के नेता चंदन पटेल और अभय पटेल समेत कुछ अन्य लोगों को एहतियातन थाने में बैठा कर रखा गया था। पटना में जनता दल (यू) कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम से पहले जदयू के कुछ कार्यकर्ताओं और नेताओं को पुलिस ने एहतियातन थाने में बैठा लिया। ये वही कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं जो पिछले एक साल से निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में लाने की मांग कर रहे थे। सीएम के राज्यसभा जाने का विरोध कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस को आशंका थी कि कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यालय में विरोध या हंगामा हो सकता है, इसलिए एहतियात के तौर पर कुछ नेताओं को थाने में बैठाया गया। संजय झा और ललन सिंह के विरोध की आशंका सूत्रों का कहना है कि पुलिस को इस बात की जानकारी मिली थी कि जदयू कार्यालय में कुछ कार्यकर्ता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं संजय झा और ललन सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए पुलिस ने पहले ही कुछ नेताओं को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से रोक दिया और उन्हें थाने में बैठा दिया। हालांकि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दोपहर करीब 3 बजे पुलिस ने सभी नेताओं को छोड़ दिया। इसके बाद ये नेता जदयू कार्यालय पहुंचे और पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी।ॉ नेताओं ने साजिश का लगाया आरोप जदयू नेता चंदन पटेल ने कहा कि वह लोग पिछले दो साल से निशांत कुमार को राजनीति में लाने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस दिन उनकी पार्टी में जॉइनिंग थी, उसी दिन उन्हें साजिश के तहत थाने में बैठा दिया गया। चंदन पटेल ने कहा कि निशांत कुमार आज पार्टी में शामिल हुए, लेकिन उस ऐतिहासिक मौके पर वे लोग मौजूद नहीं रह सके। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें काफी दुख हुआ है। वहीं जदयू नेता वरुण कुमार ने भी इसी तरह के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वह लोग कई दिनों से इंजीनियर निशांत को राजनीति में लाने की मांग कर रहे थे। अब जब उन्होंने पार्टी जॉइन कर ली और सक्रिय राजनीति में कदम रखा, तो कुछ लोगों की साजिश के कारण उन्हें कार्यालय में आने ही नहीं दिया गया। पीएम मोदी की तस्वीर से छेड़छाड़ के बाद बढ़ी सतर्कता बताया जा रहा है कि बीते दिन पटना स्थित जदयू कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ की घटना सामने आई थी। तस्वीर पर कालिख पोत दी गई थी, जिसके बाद पार्टी और प्रशासन दोनों सतर्क हो गए थे। इसी घटना को देखते हुए पुलिस को आशंका थी कि कार्यक्रम के दौरान फिर से किसी तरह का विरोध या हंगामा हो सकता है। यही वजह थी कि जदयू के नेता चंदन पटेल और अभय पटेल समेत कुछ अन्य लोगों को एहतियातन थाने में बैठा कर रखा गया था।  

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