जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार विधानसभा चुनाव में गठबंधन प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने के आरोप में अपने कई पदाधिकारियों को पार्टी के पद से बर्खास्त कर दिया है। इन पदाधिकारियों को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित भी किया गया है। बिहार प्रदेश कार्यालय मुख्यालय प्रभारी अनिल कुमार ने इस संबंध में एक पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी।जारी पत्र के अनुसार, यह अनुशासनात्मक कार्रवाई बीते विधानसभा चुनाव के दौरान साहेबपुर कमाल विधानसभा क्षेत्र में हुई गतिविधियों के कारण की गई है। इन पदाधिकारियों पर साहेबपुर कमाल से एनडीए समर्थित लोजपा प्रत्याशी सुरेंद्र विवेक के खिलाफ काम करने का आरोप था।मामले की गंभीरता को देखते हुए, पार्टी के प्रदेश कार्यालय ने एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को सौंपी थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।बर्खास्त किए गए पदाधिकारियों में बलिया प्रखंड के अध्यक्ष आनंदी महतो और साहेबपुर कमाल के प्रखंड अध्यक्ष शंभू शरण क्रमशील प्रमुख रूप से शामिल हैं। कुल मिलाकर, पार्टी ने कई जिलों के 21 लोगों को निष्कासित किया है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार विधानसभा चुनाव में गठबंधन प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने के आरोप में अपने कई पदाधिकारियों को पार्टी के पद से बर्खास्त कर दिया है। इन पदाधिकारियों को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित भी किया गया है। बिहार प्रदेश कार्यालय मुख्यालय प्रभारी अनिल कुमार ने इस संबंध में एक पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी।जारी पत्र के अनुसार, यह अनुशासनात्मक कार्रवाई बीते विधानसभा चुनाव के दौरान साहेबपुर कमाल विधानसभा क्षेत्र में हुई गतिविधियों के कारण की गई है। इन पदाधिकारियों पर साहेबपुर कमाल से एनडीए समर्थित लोजपा प्रत्याशी सुरेंद्र विवेक के खिलाफ काम करने का आरोप था।मामले की गंभीरता को देखते हुए, पार्टी के प्रदेश कार्यालय ने एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को सौंपी थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।बर्खास्त किए गए पदाधिकारियों में बलिया प्रखंड के अध्यक्ष आनंदी महतो और साहेबपुर कमाल के प्रखंड अध्यक्ष शंभू शरण क्रमशील प्रमुख रूप से शामिल हैं। कुल मिलाकर, पार्टी ने कई जिलों के 21 लोगों को निष्कासित किया है।


