पहले इन बयानों को पढ़िए सब कुछ नीतीश कुमार की मर्जी से हो रहा है। नीतीश की इच्छा के खिलाफ कोई उनसे फैसला नहीं करा सकता। बिहार का सीएम कौन होगा, यह नीतीश तय करेंगे।- ललन सिंह, केंद्रीय मंत्री आखिर तीन महीने में ऐसी कौन सी परिस्थिति बनी कि उन्हें हटाया गया। सभी विधायक दुखी हैं। हम लोग व्यथित हैं। नीतीश कुमार के जाने से हम लोग प्रसन्न नहीं हैं।- विनय चौधरी, जदयू विधायक जदयू के दो नेताओं के बयान में अंतर है। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने का समर्थन कर रहे हैं। वहीं, जदयू के विधायक विरोध में खड़े हैं। जदयू की यह स्थिति बता रही है कि पार्टी दो धड़ों में बंट गई है। कुछ नेता खुलकर बोल रहे तो कई चुप, लेकिन नाराज हैं। दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट में जानिए जदयू क्यों दो धड़ों में बंटी दिख रही। यह स्थिति क्यों बनी। कौन-कौन नेता खुलकर विरोध में बोल रहे हैं। दो धड़ों में बंटी जदयू, नीतीश के करीबी नेता कर रहे विरोध नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से जदयू दो धड़ों में बंट गई है। इस फैसले से जदयू में कोई खुश नहीं। नीतीश के करीब रहकर बिहार की राजनीति करने वाले नेता खासे नाराज हैं। खुलकर विरोध कर रहे हैं। मंत्री बिजेंद्र यादव पार्टी की बैठक से जल्द निकल गए तो अशोक चौधरी की आंखों में आंसू आ गए। इस बीच दिल्ली में रहकर केंद्र की राजनीति में एक्टिव जदयू के नेता चुप हैं। खुलकर नाराजगी नहीं जता रहे। इनमें ललन सिंह और संजय झा प्रमुख नाम हैं। ये न तो नीतीश के फैसले के खिलाफ बोल रहे हैं और न खुलकर खुशी व्यक्त कर रहे। बंद कमरे में लिया गया नीतीश के राज्यसभा जाने का फैसला नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने का फैसला बिना विधायक दल की बैठक कर लिया गया। बंद कमरे में तय हुआ कि नीतीश सीएम की कुर्सी छोड़ेंगे। फैसले के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं? यह सवाल खड़ा हुआ। नीतीश के राज्यसभा जाने की जानकारी पार्टी के सीनियर नेताओं तक को नहीं थी। नॉमिनेशन के चंद घंटे पहले सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जानकारी शेयर की। जदयू के ये नेता नीतीश के राज्यसभा जाने का खुलकर विरोध कर रहे 1- विनय कुमार चौधरी, बेनीपुर विधायक दरभंगा जिला के बेनीपुर से जदयू विधायक विनय कुमार चौधरी ने कहा, ‘नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले से मैं आहत हूं। कोई विधायक इस फैसले से सहमत नहीं है। हम अपने नेता के फैसले को स्वीकार तो करते हैं, लेकिन दुखी हैं। राज्य की जनता दुखी है।’ नीतीश के बेटे निशांत के राजनीति में आने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘निशांत को राजनीति में आना चाहिए, लेकिन ऐसा नीतीश की कीमत पर नहीं हो। हम लोग दोनों को पसंद करते हैं।’ 2- लेशी सिंह, मंत्री बिहार सरकार में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह नीतीश के फैसले से आहत हैं। वह नीतीश के नेतृत्व में तब से काम कर रहीं है जब वह समता पार्टी के प्रमुख थे। नीतीश के हर फैसले के साथ खड़ी रहने वाली लेशी सिंह ने कहा, ‘उनके राज्यसभा जाने के निर्णय से सभी कार्यकर्ता आहत हैं। 1994 में मैं नीतीश कुमार के नेतृत्व में समता पार्टी से जुड़ी थी। इसके बाद दे उनके साथ हूं।’ 3- नीरज कुमार, जदयू एमएलसी पूर्व मंत्री और जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने कहा, ‘नीतीश कुमार केंद्र की राजनीति में जा रहे हैं। अब बिहार में पार्टी कौन संभालेगा? हमारी गुहार है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व इस पर स्थिति साफ करें।’ ‘पार्टी के कार्यकर्ता और आम लोग जानना चाहते हैं कि नीतीश के बाद उनका राजनीतिक वारिस कौन होगा। बिहार की दो पीढ़ियों ने नीतीश का नेतृत्व देखा है।’ विधायक दल की बैठक में हुआ निशांत को राजनीति में लाने पर फैसला शुक्रवार को एक अणे मार्ग में जदयू विधायक दल की बैठक हुई। इसमें विधायक और मंत्री भारी मन से शामिल हुए। बैठक एक घंटे तक चली। इसके बाद जदयू नेता मनीष वर्मा और सीनियर मोस्ट मंत्री बिजेंद्र यादव सबसे पहले निकले। उन्होंने मीडिया से दूरी बनाई। बैठक में मौजूद कई विधायकों ने मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने के फैसले का विरोध किया। इस पर CM ने कहा- विरोध मत करिए। मैं राज्यसभा जा रहा हूं। वहां से सब देखता रहूंगा। निशांत को राजनीति में लाने पर सभी विधायकों ने हाथ उठाकर अपनी सहमति जताई। मीटिंग में संजय झा ने कहा कि निशांत कुमार JDU में शामिल होंगे। निशांत इस मीटिंग में शामिल नहीं हुए थे। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, ‘सीएम आवास में बैठक के दौरान एक स्वर से सभी नेताओं ने निशांत कुमार को राजनीति में लाने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वह हमेशा सबके साथ रहेंगे। उनका मन चौथी सदन में जाने का था, इसलिए राज्यसभा जा रहे हैं।’ श्रवण ने कहा कि अब से युवा चेहरा निशांत कुमार जदयू का नेतृत्व करेंगे। पटना से पश्चिम चंपारण तक, नीतीश को राज्यसभा भेजने का विरोध नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने के फैसले का विरोध थम नहीं रहा। शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में पीएम मोदी के चेहरे को निशाना बनाया गया। जदयू कार्यकर्ताओं ने उनके पोस्टर पर कालिख पोत दी। पटना में जगह-जगह पोस्टर लगाए गए हैं। इस पर लिखा है, ‘नीतीश सेवक कर रहा पुकार, नेता करें अपने निर्णय पर विचार।’ जहानाबाद जदयू कार्यालय में तोड़फोड़
नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले के विरोध में जहानाबाद स्थित जदयू कार्यालय में कुर्सियां तोड़ दी गईं। कार्यकर्ताओं का कहना था कि नीतीश कुमार को अभी बिहार में रहकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए था। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने जनता से ’25 से 30 साल फिर से नीतीश’ के संकल्प के साथ बिहार के विकास का वादा किया था। ऐसे में उनका राज्यसभा जाना कार्यकर्ताओं के लिए निराशाजनक है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी में अब जमीनी कार्यकर्ताओं को अनदेखा किया जा रहा है। इस तरह के बड़े फैसले लेने से पहले कार्यकर्ताओं से राय-मशविरा नहीं किया जाता। पार्टी ऑफिस में विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने कहा, ‘नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही पार्टी को मजबूती मिली है। इसलिए उनका बिहार की राजनीति से दूर जाना कार्यकर्ताओं को स्वीकार नहीं है।’ कटिहार में नाराजगी, निशांत को सीएम बनाने की मांग
कटिहार जिला के आजमनगर प्रखंड क्षेत्र के जदयू कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को आजमनगर थाना मैदान नारेबाजी की। उन्होंने निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग की। पश्चिम चंपारण में भी नाराजगी, पूर्व सांसद कैलाश बैठा बोले- यह ठीक न हुआ पश्चिम चंपारण में भी नीतीश के फैसले पर सवाल किए गए हैं। बगहा से पूर्व सांसद कैलाश बैठा ने कहा, ‘यह फैसला बिहार की गरीब और पिछड़ी जनता के लिए उचित नहीं है। नीतीश कुमार ने दलितों, पिछड़ों और आम गरीब जनता की सेवा की।’ उन्होंने कहा, ‘बिहार की सत्ता अब समाजवादियों के हाथ में नहीं रहेगी। सत्ता समाजवाद से पूंजीवाद की ओर जा रही है। यह बिहार के लिए सही नहीं होगा।’ CM हाउस से पार्टी ऑफिस तक दिखा था कार्यकर्ताओं का गुस्सा गुरुवार को जब नीतीश ने X पर राज्यसभा जाने का ऐलान किया तो जदयू कार्यकर्ता गुस्से में आ गए थे। सुबह से ही जदयू कार्यकर्ता सीएम हाउस पहुंचने लगे थे। सीएम आवास से लेकर पार्टी मुख्यालय तक कार्यकर्ताओं का गुस्सा दिखा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि नीतीश कुमार बिहार के हैं। उन्हें कहीं नहीं जाने देंगे। हम अपनी जान दे देंगे। CM हाउस के बाहर कार्यकर्ता रोते दिखे। कार्यकर्ताओं ने CM हाउस जा रहे बीजेपी कोटे के मंत्री सुरेंद्र मेहता, JDU MLC संजय गांधी और JDU विधायक प्रेम मुखिया को भगा दिया। जदयू दफ्तर में तोड़फोड़ की। पहले इन बयानों को पढ़िए सब कुछ नीतीश कुमार की मर्जी से हो रहा है। नीतीश की इच्छा के खिलाफ कोई उनसे फैसला नहीं करा सकता। बिहार का सीएम कौन होगा, यह नीतीश तय करेंगे।- ललन सिंह, केंद्रीय मंत्री आखिर तीन महीने में ऐसी कौन सी परिस्थिति बनी कि उन्हें हटाया गया। सभी विधायक दुखी हैं। हम लोग व्यथित हैं। नीतीश कुमार के जाने से हम लोग प्रसन्न नहीं हैं।- विनय चौधरी, जदयू विधायक जदयू के दो नेताओं के बयान में अंतर है। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने का समर्थन कर रहे हैं। वहीं, जदयू के विधायक विरोध में खड़े हैं। जदयू की यह स्थिति बता रही है कि पार्टी दो धड़ों में बंट गई है। कुछ नेता खुलकर बोल रहे तो कई चुप, लेकिन नाराज हैं। दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट में जानिए जदयू क्यों दो धड़ों में बंटी दिख रही। यह स्थिति क्यों बनी। कौन-कौन नेता खुलकर विरोध में बोल रहे हैं। दो धड़ों में बंटी जदयू, नीतीश के करीबी नेता कर रहे विरोध नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से जदयू दो धड़ों में बंट गई है। इस फैसले से जदयू में कोई खुश नहीं। नीतीश के करीब रहकर बिहार की राजनीति करने वाले नेता खासे नाराज हैं। खुलकर विरोध कर रहे हैं। मंत्री बिजेंद्र यादव पार्टी की बैठक से जल्द निकल गए तो अशोक चौधरी की आंखों में आंसू आ गए। इस बीच दिल्ली में रहकर केंद्र की राजनीति में एक्टिव जदयू के नेता चुप हैं। खुलकर नाराजगी नहीं जता रहे। इनमें ललन सिंह और संजय झा प्रमुख नाम हैं। ये न तो नीतीश के फैसले के खिलाफ बोल रहे हैं और न खुलकर खुशी व्यक्त कर रहे। बंद कमरे में लिया गया नीतीश के राज्यसभा जाने का फैसला नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने का फैसला बिना विधायक दल की बैठक कर लिया गया। बंद कमरे में तय हुआ कि नीतीश सीएम की कुर्सी छोड़ेंगे। फैसले के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं? यह सवाल खड़ा हुआ। नीतीश के राज्यसभा जाने की जानकारी पार्टी के सीनियर नेताओं तक को नहीं थी। नॉमिनेशन के चंद घंटे पहले सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जानकारी शेयर की। जदयू के ये नेता नीतीश के राज्यसभा जाने का खुलकर विरोध कर रहे 1- विनय कुमार चौधरी, बेनीपुर विधायक दरभंगा जिला के बेनीपुर से जदयू विधायक विनय कुमार चौधरी ने कहा, ‘नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले से मैं आहत हूं। कोई विधायक इस फैसले से सहमत नहीं है। हम अपने नेता के फैसले को स्वीकार तो करते हैं, लेकिन दुखी हैं। राज्य की जनता दुखी है।’ नीतीश के बेटे निशांत के राजनीति में आने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘निशांत को राजनीति में आना चाहिए, लेकिन ऐसा नीतीश की कीमत पर नहीं हो। हम लोग दोनों को पसंद करते हैं।’ 2- लेशी सिंह, मंत्री बिहार सरकार में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह नीतीश के फैसले से आहत हैं। वह नीतीश के नेतृत्व में तब से काम कर रहीं है जब वह समता पार्टी के प्रमुख थे। नीतीश के हर फैसले के साथ खड़ी रहने वाली लेशी सिंह ने कहा, ‘उनके राज्यसभा जाने के निर्णय से सभी कार्यकर्ता आहत हैं। 1994 में मैं नीतीश कुमार के नेतृत्व में समता पार्टी से जुड़ी थी। इसके बाद दे उनके साथ हूं।’ 3- नीरज कुमार, जदयू एमएलसी पूर्व मंत्री और जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने कहा, ‘नीतीश कुमार केंद्र की राजनीति में जा रहे हैं। अब बिहार में पार्टी कौन संभालेगा? हमारी गुहार है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व इस पर स्थिति साफ करें।’ ‘पार्टी के कार्यकर्ता और आम लोग जानना चाहते हैं कि नीतीश के बाद उनका राजनीतिक वारिस कौन होगा। बिहार की दो पीढ़ियों ने नीतीश का नेतृत्व देखा है।’ विधायक दल की बैठक में हुआ निशांत को राजनीति में लाने पर फैसला शुक्रवार को एक अणे मार्ग में जदयू विधायक दल की बैठक हुई। इसमें विधायक और मंत्री भारी मन से शामिल हुए। बैठक एक घंटे तक चली। इसके बाद जदयू नेता मनीष वर्मा और सीनियर मोस्ट मंत्री बिजेंद्र यादव सबसे पहले निकले। उन्होंने मीडिया से दूरी बनाई। बैठक में मौजूद कई विधायकों ने मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने के फैसले का विरोध किया। इस पर CM ने कहा- विरोध मत करिए। मैं राज्यसभा जा रहा हूं। वहां से सब देखता रहूंगा। निशांत को राजनीति में लाने पर सभी विधायकों ने हाथ उठाकर अपनी सहमति जताई। मीटिंग में संजय झा ने कहा कि निशांत कुमार JDU में शामिल होंगे। निशांत इस मीटिंग में शामिल नहीं हुए थे। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, ‘सीएम आवास में बैठक के दौरान एक स्वर से सभी नेताओं ने निशांत कुमार को राजनीति में लाने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वह हमेशा सबके साथ रहेंगे। उनका मन चौथी सदन में जाने का था, इसलिए राज्यसभा जा रहे हैं।’ श्रवण ने कहा कि अब से युवा चेहरा निशांत कुमार जदयू का नेतृत्व करेंगे। पटना से पश्चिम चंपारण तक, नीतीश को राज्यसभा भेजने का विरोध नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने के फैसले का विरोध थम नहीं रहा। शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में पीएम मोदी के चेहरे को निशाना बनाया गया। जदयू कार्यकर्ताओं ने उनके पोस्टर पर कालिख पोत दी। पटना में जगह-जगह पोस्टर लगाए गए हैं। इस पर लिखा है, ‘नीतीश सेवक कर रहा पुकार, नेता करें अपने निर्णय पर विचार।’ जहानाबाद जदयू कार्यालय में तोड़फोड़
नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले के विरोध में जहानाबाद स्थित जदयू कार्यालय में कुर्सियां तोड़ दी गईं। कार्यकर्ताओं का कहना था कि नीतीश कुमार को अभी बिहार में रहकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए था। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने जनता से ’25 से 30 साल फिर से नीतीश’ के संकल्प के साथ बिहार के विकास का वादा किया था। ऐसे में उनका राज्यसभा जाना कार्यकर्ताओं के लिए निराशाजनक है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी में अब जमीनी कार्यकर्ताओं को अनदेखा किया जा रहा है। इस तरह के बड़े फैसले लेने से पहले कार्यकर्ताओं से राय-मशविरा नहीं किया जाता। पार्टी ऑफिस में विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने कहा, ‘नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही पार्टी को मजबूती मिली है। इसलिए उनका बिहार की राजनीति से दूर जाना कार्यकर्ताओं को स्वीकार नहीं है।’ कटिहार में नाराजगी, निशांत को सीएम बनाने की मांग
कटिहार जिला के आजमनगर प्रखंड क्षेत्र के जदयू कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को आजमनगर थाना मैदान नारेबाजी की। उन्होंने निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग की। पश्चिम चंपारण में भी नाराजगी, पूर्व सांसद कैलाश बैठा बोले- यह ठीक न हुआ पश्चिम चंपारण में भी नीतीश के फैसले पर सवाल किए गए हैं। बगहा से पूर्व सांसद कैलाश बैठा ने कहा, ‘यह फैसला बिहार की गरीब और पिछड़ी जनता के लिए उचित नहीं है। नीतीश कुमार ने दलितों, पिछड़ों और आम गरीब जनता की सेवा की।’ उन्होंने कहा, ‘बिहार की सत्ता अब समाजवादियों के हाथ में नहीं रहेगी। सत्ता समाजवाद से पूंजीवाद की ओर जा रही है। यह बिहार के लिए सही नहीं होगा।’ CM हाउस से पार्टी ऑफिस तक दिखा था कार्यकर्ताओं का गुस्सा गुरुवार को जब नीतीश ने X पर राज्यसभा जाने का ऐलान किया तो जदयू कार्यकर्ता गुस्से में आ गए थे। सुबह से ही जदयू कार्यकर्ता सीएम हाउस पहुंचने लगे थे। सीएम आवास से लेकर पार्टी मुख्यालय तक कार्यकर्ताओं का गुस्सा दिखा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि नीतीश कुमार बिहार के हैं। उन्हें कहीं नहीं जाने देंगे। हम अपनी जान दे देंगे। CM हाउस के बाहर कार्यकर्ता रोते दिखे। कार्यकर्ताओं ने CM हाउस जा रहे बीजेपी कोटे के मंत्री सुरेंद्र मेहता, JDU MLC संजय गांधी और JDU विधायक प्रेम मुखिया को भगा दिया। जदयू दफ्तर में तोड़फोड़ की।


