बक्सर में रविवार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के जिलाध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान गोयल धर्मशाला का परिसर रणक्षेत्र में बदल गया। चुनाव प्रक्रिया के बीच लगे आरोपों के बाद समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए, जिससे धक्का-मुक्की और नारेबाजी शुरू हो गई। विवाद तब भड़का जब चुनाव को प्रभावित करने के आरोपों के केंद्र में अशोक यादव का नाम सामने आया। कुछ कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप और इसे एकतरफा बनाने की कोशिश का आरोप लगाया। इन आरोपों के बाद अशोक यादव के समर्थक आक्रामक हो गए। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक
गेट के बाहर पहले तीखी बहस हुई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, “मारो-मारो” की आवाजों से पूरा परिसर गूंज उठा और अफरातफरी फैल गई। मौके पर मौजूद वर्तमान जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह भी कार्यकर्ताओं से उलझते दिखे। विरोधी गुट ने संगठनात्मक लोकतंत्र की अनदेखी का आरोप लगाया, जबकि समर्थकों ने इसे विपक्षी गुट की साजिश बताते हुए आरोपों को खारिज कर दिया। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक चलती रही। कुछ देर के लिए चुनाव प्रक्रिया रोकी गई
स्थिति बिगड़ती देख नगर थाना की पुलिस टीम मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए भीड़ को हटाया और माहौल शांत कराया। कुछ देर के लिए चुनाव प्रक्रिया रोक दी गई, लेकिन हालात सामान्य होने के बाद दोबारा मतदान शुरू कराया गया। पुलिस की मौजूदगी में आगे की कार्रवाई पूरी की गई। अशोक यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे हमेशा से शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग जानबूझकर माहौल बिगाड़कर संगठन की छवि धूमिल करना चाहते हैं। बक्सर में रविवार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के जिलाध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान गोयल धर्मशाला का परिसर रणक्षेत्र में बदल गया। चुनाव प्रक्रिया के बीच लगे आरोपों के बाद समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए, जिससे धक्का-मुक्की और नारेबाजी शुरू हो गई। विवाद तब भड़का जब चुनाव को प्रभावित करने के आरोपों के केंद्र में अशोक यादव का नाम सामने आया। कुछ कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप और इसे एकतरफा बनाने की कोशिश का आरोप लगाया। इन आरोपों के बाद अशोक यादव के समर्थक आक्रामक हो गए। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक
गेट के बाहर पहले तीखी बहस हुई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, “मारो-मारो” की आवाजों से पूरा परिसर गूंज उठा और अफरातफरी फैल गई। मौके पर मौजूद वर्तमान जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह भी कार्यकर्ताओं से उलझते दिखे। विरोधी गुट ने संगठनात्मक लोकतंत्र की अनदेखी का आरोप लगाया, जबकि समर्थकों ने इसे विपक्षी गुट की साजिश बताते हुए आरोपों को खारिज कर दिया। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक चलती रही। कुछ देर के लिए चुनाव प्रक्रिया रोकी गई
स्थिति बिगड़ती देख नगर थाना की पुलिस टीम मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए भीड़ को हटाया और माहौल शांत कराया। कुछ देर के लिए चुनाव प्रक्रिया रोक दी गई, लेकिन हालात सामान्य होने के बाद दोबारा मतदान शुरू कराया गया। पुलिस की मौजूदगी में आगे की कार्रवाई पूरी की गई। अशोक यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे हमेशा से शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग जानबूझकर माहौल बिगाड़कर संगठन की छवि धूमिल करना चाहते हैं।


