अररिया जिला पदाधिकारी के निर्देश पर फारबिसगंज अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की संयुक्त टीम ने अवैध बालू-मिट्टी खनन के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान फारबिसगंज अंचल के अम्हारा पंचायत में परमान नदी किनारे से अवैध बालू खनन करते हुए एक जेसीबी और एक ट्रैक्टर-डाला जब्त किया गया। इन दोनों वाहनों पर कुल 11.05 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कार्रवाई के दौरान मौके पर पकड़ी गई जेसीबी का मॉडल नंबर TLB7405 है। ट्रैक्टर-डाला का रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं था। जब्त किए गए दोनों वाहनों को फारबिसगंज थाना में सुरक्षित रखा गया है। मशीनों को सक्रिय रूप से बालू निकालते देखा छापेमारी के समय टीम ने परमान नदी के किनारे मशीनों को सक्रिय रूप से बालू निकालते देखा। इस अवैध खनन से पर्यावरण और नदी की प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुँच रहा था। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लघु खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर पूर्ण नियंत्रण के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे। अवैध खननकर्ताओं और परिवहनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध बालू खनन की समस्या लंबे समय से बनी परमान नदी क्षेत्र में अवैध बालू खनन की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इसके कारण नदी की गहराई बढ़ रही है और कटाव का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह अभियान पूरे जिले में तेज किया जाएगा। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि अवैध खनन से संबंधित कोई भी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। जिला प्रशासन भविष्य में भी ऐसी छापेमारियां नियमित रूप से करने का दावा करता है ताकि प्राकृतिक संसाधनों की लूट रोकी जा सके। अररिया जिला पदाधिकारी के निर्देश पर फारबिसगंज अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की संयुक्त टीम ने अवैध बालू-मिट्टी खनन के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान फारबिसगंज अंचल के अम्हारा पंचायत में परमान नदी किनारे से अवैध बालू खनन करते हुए एक जेसीबी और एक ट्रैक्टर-डाला जब्त किया गया। इन दोनों वाहनों पर कुल 11.05 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कार्रवाई के दौरान मौके पर पकड़ी गई जेसीबी का मॉडल नंबर TLB7405 है। ट्रैक्टर-डाला का रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं था। जब्त किए गए दोनों वाहनों को फारबिसगंज थाना में सुरक्षित रखा गया है। मशीनों को सक्रिय रूप से बालू निकालते देखा छापेमारी के समय टीम ने परमान नदी के किनारे मशीनों को सक्रिय रूप से बालू निकालते देखा। इस अवैध खनन से पर्यावरण और नदी की प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुँच रहा था। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लघु खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर पूर्ण नियंत्रण के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे। अवैध खननकर्ताओं और परिवहनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध बालू खनन की समस्या लंबे समय से बनी परमान नदी क्षेत्र में अवैध बालू खनन की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इसके कारण नदी की गहराई बढ़ रही है और कटाव का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह अभियान पूरे जिले में तेज किया जाएगा। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि अवैध खनन से संबंधित कोई भी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। जिला प्रशासन भविष्य में भी ऐसी छापेमारियां नियमित रूप से करने का दावा करता है ताकि प्राकृतिक संसाधनों की लूट रोकी जा सके।


