सहरसा में जिला प्रशासन ने बुधवार शाम अतिक्रमण के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया। यह अभियान कलेक्ट्रेट मुख्य मार्ग से शुरू किया गया, जहाँ सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। जिला अपर समाहर्ता निशांत और सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) श्रेयांश तिवारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में कलेक्ट्रेट परिसर और न्यायालय के आसपास के अवैध निर्माणों को चिह्नित कर ध्वस्त किया गया। कई दुकानदारों ने सड़क किनारे और सरकारी भूमि पर अस्थायी व स्थायी ढांचे बना लिए थे, जिससे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। प्रशासन ने जेसीबी और बुलडोजर की मदद से इन अवैध संरचनाओं को हटाया, जिससे संबंधित भूमि अतिक्रमण मुक्त हो गई। इन कब्जों के कारण वर्षों से कलेक्ट्रेट और कोर्ट परिसर के आसपास जाम की स्थिति बनी रहती थी। अतिक्रमणकारियों को पहले जारी किया था नोटिस सदर एसडीएम श्रेयांश तिवारी ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस जारी कर स्वयं कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया था। कुछ लोगों ने नोटिस के बाद अतिक्रमण हटा लिया था, लेकिन कई दुकानदार अभी भी जमे हुए थे, जिनके खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि यह अभियान एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसे लगातार चलाया जाएगा ताकि सरकारी भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त किया जा सके। अभियान के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। रास्ता साफ होने से आम जनता को मिलेगी सहूलियत प्रशासन ने आम नागरिकों से स्वयं अतिक्रमण हटाकर सहयोग करने की अपील की है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रास्ता साफ होने से आम जनता, अधिवक्ताओं और सरकारी कर्मियों को अब काफी सहूलियत मिलेगी। प्रशासन ने संकेत दिया है कि शहर के अन्य इलाकों में भी जल्द ही इसी तरह का अभियान चलाया जाएगा। सहरसा में जिला प्रशासन ने बुधवार शाम अतिक्रमण के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया। यह अभियान कलेक्ट्रेट मुख्य मार्ग से शुरू किया गया, जहाँ सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। जिला अपर समाहर्ता निशांत और सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) श्रेयांश तिवारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में कलेक्ट्रेट परिसर और न्यायालय के आसपास के अवैध निर्माणों को चिह्नित कर ध्वस्त किया गया। कई दुकानदारों ने सड़क किनारे और सरकारी भूमि पर अस्थायी व स्थायी ढांचे बना लिए थे, जिससे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। प्रशासन ने जेसीबी और बुलडोजर की मदद से इन अवैध संरचनाओं को हटाया, जिससे संबंधित भूमि अतिक्रमण मुक्त हो गई। इन कब्जों के कारण वर्षों से कलेक्ट्रेट और कोर्ट परिसर के आसपास जाम की स्थिति बनी रहती थी। अतिक्रमणकारियों को पहले जारी किया था नोटिस सदर एसडीएम श्रेयांश तिवारी ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस जारी कर स्वयं कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया था। कुछ लोगों ने नोटिस के बाद अतिक्रमण हटा लिया था, लेकिन कई दुकानदार अभी भी जमे हुए थे, जिनके खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि यह अभियान एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसे लगातार चलाया जाएगा ताकि सरकारी भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त किया जा सके। अभियान के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। रास्ता साफ होने से आम जनता को मिलेगी सहूलियत प्रशासन ने आम नागरिकों से स्वयं अतिक्रमण हटाकर सहयोग करने की अपील की है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रास्ता साफ होने से आम जनता, अधिवक्ताओं और सरकारी कर्मियों को अब काफी सहूलियत मिलेगी। प्रशासन ने संकेत दिया है कि शहर के अन्य इलाकों में भी जल्द ही इसी तरह का अभियान चलाया जाएगा।


