Jaya Kishori Quotes in Hindi: आजकल हर कोई बस एक ही चीज के पीछे भाग रहा है और वो है खुशी। किसी को लगता है कि बहुत सारा पैसा कमाकर खुशी मिलेगी तो किसी को लगता है कि बड़ी गाड़ी या बड़ा घर ही सब कुछ है। लेकिन सच तो ये है कि ये सब चीजें मिलने के बाद भी इंसान अंदर से खाली महसूस करता है। ऐसे में कथा वाचिका और साधिका जया किशोरी जी हमें एक बहुत ही सरल और गहरी बात सिखाती हैं। वे बताती हैं कि खुशी बाहर की चीजों में नहीं बल्कि हमारे व्यवहार और दूसरों के प्रति हमारी सोच में होती है। आइए जानते हैं उनके इस विचार का असली मतलब।
इस विचार के गहरे अर्थ को समझें
जया किशोरी का यह कोट, “सच्ची खुशी हमेशा उस समय मिलती है, जब हम दूसरों के चेहरे पर मुस्कान ला सकें”, हमें जिंदगी जीने का एक नया तरीका सिखाता है। इसका सीधा सा मतलब ये है कि जब हम सिर्फ अपने बारे में सोचना छोड़कर दूसरों का भला करते हैं, तो हमें जो सुकून मिलता है वही असली खुशी है। हम अक्सर सोचते हैं कि जब हमें कुछ मिलेगा तब हम खुश होंगे लेकिन किशोरी जी कहती हैं कि असली आनंद देने में है।
इस थॉट के पीछे की सोच
जया किशोरी जी का मानना है कि आजकल लोग बहुत ज्यादा मतलबी हो गए हैं और यही उनके दुखी होने का सबसे बड़ा कारण है। हम हर वक्त इसी हिसाब किताब में लगे रहते हैं कि मेरा फायदा कहां है। किशोरी जी समझाती हैं कि जब तक हम मैं और मेरा के चक्कर में रहेंगे तब तक तनाव में रहेंगे।
इसे अपनी लाइफ में कैसे उतारें?
अगर आप इस बात को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाना चाहते हैं तो इसकी शुरुआत बहुत ही आसान है। इसके लिए सबसे पहले आप अपने घर, ऑफिस या कॉलेज में लोगों के साथ प्यार से पेश आएं। अगर आपका कोई परेशान है तो उसकी बात सुन लें। इसके साथ ही अपनी बातचीत में मिठास लाएं और दूसरों की खुशियों में शामिल होना शुरू करें। जब आप दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश करते हैं तो आपका अपना जीवन खुद ही खुशियों से भर जाता है।


