अम्बिकापुर। शहर के पीलिया प्रभावित वार्डों में मरीजों (Jaundice in Ambikapur) की संख्या लगातार बढ़ रही है। बीते शुक्रवार को एक दर्जन से अधिक नए मरीजों की पहचान की गई थी, जिनका उपचार विभिन्न अस्पतालों में जारी है। बढ़ते मामलों को देखते हुए नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने प्रभावित वार्डों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उनके साथ संबंधित वार्डों के पार्षद, स्वास्थ्य विभाग तथा नगर निगम के अमला भी घर-घर पहुंचा। इस दौरान जरूरतमंद परिवारों को आरओ वाटर केन भी वितरित किए गए, ताकि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
पीलिया से प्रभावित वार्डों में सोमवार से विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर खून की जांच की जाएगी। नगर निगम की टीम द्वारा पेयजल के सैंपल लिए जाएंगे तथा पाइपलाइन की मरम्मत और सुधार कार्य भी किया जाएगा। इसके लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार (Jaundice in Ambikapur) कर लिया गया है।
दौरे के दौरान पार्षद हसन खान, पापिन्दर सिंह, मो. इस्लाम, नियाजुद्दीन खान निक्की, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. अग्रवाल, अनिल पांडेय तथा नगर निगम की जल शाखा के प्रभारी इंजीनियर खुल्लर सहित निगम और स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला एवं मितानिन कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Jaundice in Ambikapur: वार्ड के लोगों ने दी ये जानकारी
भ्रमण के दौरान वार्ड के लोगों ने बताया निगम कर्मियों द्वारा टूटे पाइप को जोडऩे में प्लास्टिक और रबर के पुराने चप्पलों का इस्तेमाल किया गया है। ऐसी आशंका है कि वहीं से नालियों का पानी पेयजल की सप्लाई (Jaundice in Ambikapur) लाइन में मिलकर पेयजल को संक्रमित कर रहा है। जिस स्थान पर यह शिकायत मिली है सबसे ज्यादा वहीं आसपास के घरों के लोग प्रभावित हैं।
पीएचई के पास जांच की सुविधा नहीं
बताया जा रहा है कि संभाग मुख्यालय में पीएचई विभाग के पास पेयजल की जांच (Jaundice in Ambikapur) व ई कोली जैसे घातक बैक्टीरिया की जांच की सुविधा नहीं है। जबकि सूरजपुर में यह जांच हो जाती है। पीएचई पानी के जांच के लिए सैम्पल रायपुर भेजने की तैयारी कर रहा है।
पानी में बैक्टीरिया की जांच करने वाला रैपिड किट एच टू एस भी जिले में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। प्रभावितों के लिए गिनती के एक डेढ़ दर्जन एच टू एस बोतल ही दिया जा सका। शहर में पीलिया के प्रकोप का खुलासा भी स्वास्थ्य विभाग की जांच में हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ही पेयजल की जांच कर ई कोली होने की पुष्टि की है।


