गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने आज शाम एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इसमें उन्होंने घोषणा की है कि अब जिले में प्रत्येक शुक्रवार को जनता दरबार का आयोजन किया जाएगा। यह दरबार समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में लगेगा, जहां जनसमस्याओं के समाधान और प्रशासनिक काम पर चर्चा होगी। जिलाधिकारी ने बताया कि आने वाले 19 जनवरी को भी जनता दरबार आयोजित होगा। इसमें जिले के सभी संबंधित विभागों के अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना है। शिकायतों के खिलाफ होगी कार्रवाई शुभंकर ने जनता दरबार को प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक जनता दरबार से संबंधित जितने भी ई-मेल, आवेदन और शिकायतें मिली हैं, उन सभी को संज्ञान में लिया जाएगा। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से दर्ज कर संबंधित विभाग को अग्रसारित किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जनता दरबार के दौरान किसी भी फरियादी की समस्या अनसुनी नहीं रहे और मामलों का निष्पक्ष समाधान किया जाए। जनता दरबार में जमीन विवाद, राजस्व, आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, पेंशन, आवास और अन्य जनहित से जुड़े मामलों की सुनवाई होगी। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि जिन मामलों का समाधान मौके पर संभव होगा, उन्हें तत्काल निपटाया जाएगा। शेष मामलों के लिए समय सीमा तय कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिलेवासियों से जनता दरबार का फायदा उठाने और अपनी समस्याएं ई-मेल या आवेदन के माध्यम से समय पर भेजने की अपील की। गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने आज शाम एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इसमें उन्होंने घोषणा की है कि अब जिले में प्रत्येक शुक्रवार को जनता दरबार का आयोजन किया जाएगा। यह दरबार समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में लगेगा, जहां जनसमस्याओं के समाधान और प्रशासनिक काम पर चर्चा होगी। जिलाधिकारी ने बताया कि आने वाले 19 जनवरी को भी जनता दरबार आयोजित होगा। इसमें जिले के सभी संबंधित विभागों के अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना है। शिकायतों के खिलाफ होगी कार्रवाई शुभंकर ने जनता दरबार को प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक जनता दरबार से संबंधित जितने भी ई-मेल, आवेदन और शिकायतें मिली हैं, उन सभी को संज्ञान में लिया जाएगा। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से दर्ज कर संबंधित विभाग को अग्रसारित किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जनता दरबार के दौरान किसी भी फरियादी की समस्या अनसुनी नहीं रहे और मामलों का निष्पक्ष समाधान किया जाए। जनता दरबार में जमीन विवाद, राजस्व, आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, पेंशन, आवास और अन्य जनहित से जुड़े मामलों की सुनवाई होगी। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि जिन मामलों का समाधान मौके पर संभव होगा, उन्हें तत्काल निपटाया जाएगा। शेष मामलों के लिए समय सीमा तय कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिलेवासियों से जनता दरबार का फायदा उठाने और अपनी समस्याएं ई-मेल या आवेदन के माध्यम से समय पर भेजने की अपील की।


