बेगूसराय जदयू के कर्पूरी सभागार में आज भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती शताब्दी वर्ष के रूप में मनाई गई। जिसमें विधायक मनीष कुमार, पूर्व विधान पार्षद गणेश भारती, महानगर अध्यक्ष पंकज कुमार, पूर्व प्रवक्ता अरुण कुमार महतो, वरीय नेता नंदलाल राय, बीहट नगर परिषद अध्यक्ष बबीता पासवान, शकुंतला गुप्ता और अति पिछड़ा जिलाध्यक्ष डॉ. सीताराम ठाकुर भी उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जदयू जिलाध्यक्ष रूदल राय ने कहा कि भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर व्यक्ति नहीं, बल्कि विचार थे। आज हम लोग उनकी जयंती उत्सव के रूप में माना रहे हैं। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में बिहार में पिछड़ा और अति पिछड़ा का वर्गीकरण कराया। 1977 में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े अति पिछड़ों को 12 प्रतिशत, पिछड़ा को 8 प्रतिशत, महिलाओं को 3 प्रतिशत और ऊंची जातियों को 3 प्रतिशत आरक्षण दिया। नीतीश कुमार उनके सपनों को साकार कर रहे भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के निधन के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनके सपनों को साकार कर रहे हैं। बिहार पहला राज्य है जहां पंचायती राज में 20 प्रतिशत, अतिपिछड़ा को 16 प्रतिशत, दलित समाज और महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर पंचायती राज में भागीदारी का अधिकार दिए। वैसे समाज के लोग बड़े पैमाने पर मुखिया, पंचायत समिति, जिला परिषद के अध्यक्ष और प्रमुख बन रहे हैं। नीतीश कुमार न्याय के साथ समावेशी विकास कर रहे है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक मनीष कुमार ने कहा कि भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के सामजिक न्याय, समानता का अधिकार और समरसता के विचारों को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। आत्मनिर्भर और सशक्त बिहार बनाने के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का फायदा पहुंचाना ही उनकी प्राथमिकता है। पूर्व विधान पार्षद गणेश भारती ने कहा कि भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर दलित-शोषित, पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्गों की आवाज थे। बेगूसराय जदयू के कर्पूरी सभागार में आज भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती शताब्दी वर्ष के रूप में मनाई गई। जिसमें विधायक मनीष कुमार, पूर्व विधान पार्षद गणेश भारती, महानगर अध्यक्ष पंकज कुमार, पूर्व प्रवक्ता अरुण कुमार महतो, वरीय नेता नंदलाल राय, बीहट नगर परिषद अध्यक्ष बबीता पासवान, शकुंतला गुप्ता और अति पिछड़ा जिलाध्यक्ष डॉ. सीताराम ठाकुर भी उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जदयू जिलाध्यक्ष रूदल राय ने कहा कि भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर व्यक्ति नहीं, बल्कि विचार थे। आज हम लोग उनकी जयंती उत्सव के रूप में माना रहे हैं। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में बिहार में पिछड़ा और अति पिछड़ा का वर्गीकरण कराया। 1977 में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े अति पिछड़ों को 12 प्रतिशत, पिछड़ा को 8 प्रतिशत, महिलाओं को 3 प्रतिशत और ऊंची जातियों को 3 प्रतिशत आरक्षण दिया। नीतीश कुमार उनके सपनों को साकार कर रहे भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के निधन के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनके सपनों को साकार कर रहे हैं। बिहार पहला राज्य है जहां पंचायती राज में 20 प्रतिशत, अतिपिछड़ा को 16 प्रतिशत, दलित समाज और महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर पंचायती राज में भागीदारी का अधिकार दिए। वैसे समाज के लोग बड़े पैमाने पर मुखिया, पंचायत समिति, जिला परिषद के अध्यक्ष और प्रमुख बन रहे हैं। नीतीश कुमार न्याय के साथ समावेशी विकास कर रहे है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक मनीष कुमार ने कहा कि भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के सामजिक न्याय, समानता का अधिकार और समरसता के विचारों को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। आत्मनिर्भर और सशक्त बिहार बनाने के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का फायदा पहुंचाना ही उनकी प्राथमिकता है। पूर्व विधान पार्षद गणेश भारती ने कहा कि भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर दलित-शोषित, पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्गों की आवाज थे।


