जन सुराज के YV गिरी फ्री में लड़ेंगे NEET छात्रा का केस, प्रशांत किशोर बोले- हमारे दबाव में अफसर हुए सस्पेंड

जन सुराज के YV गिरी फ्री में लड़ेंगे NEET छात्रा का केस, प्रशांत किशोर बोले- हमारे दबाव में अफसर हुए सस्पेंड

Patna NEET Student Death Case: पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में अब जन सुराज पार्टी ने पीड़ित परिवार को मुफ्त कानूनी सहायता देने का ऐलान किया है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने दावा किया है कि उनके दबाव की वजह से ही इस मामले में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन हुआ और जांच में लापरवाही बरतने वाले दो अधिकारियों को निलंबित किया गया।

पीड़ित परिवार के साथ नहीं दिखा कोई नेता – प्रशांत किशोर

रविवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर ने कहा कि NEET छात्रा के साथ जो हुआ, वह सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि सिस्टम की संवेदनहीनता और लापरवाही का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जब यह जघन्य घटना सामने आई, तब न तो सत्ता पक्ष के नेता पीड़ित परिवार के साथ खड़े दिखे और न ही विपक्ष ने कोई ठोस भूमिका निभाई। ऐसे में जन सुराज ने सड़क और समाज के बीच खड़े होकर इस मुद्दे को उठाया।

प्रशांत किशोर ने कहा, “लोकतंत्र में जनता तय करती है कि किसकी क्या भूमिका होगी। जनता ने NDA को सत्ता में रहने की भूमिका दी है, RJD और INDIA गठबंधन को विपक्ष में रहने की, और जन सुराज को सड़क पर, गांव में और समाज के बीच रहने की भूमिका दी है। जब सत्ता और विपक्ष दोनों चुप रहे, तब जन सुराज खड़ा हुआ।”

मुफ्त कानूनी लड़ाई का ऐलान

प्रशांत किशोर ने ऐलान किया कि जन सुराज पार्टी पीड़ित छात्रा के परिवार को पूरी कानूनी मदद मुफ्त में उपलब्ध कराएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता और अनुभवी वकील वाई. वी. गिरी इस केस की पैरवी करेंगे। PK ने कहा कि न्याय की लड़ाई में पैसों की कमी बाधा नहीं बननी चाहिए और यही वजह है कि जन सुराज यह जिम्मेदारी उठा रहा है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल कोर्ट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सरकार और प्रशासन पर लगातार दबाव बनाया जाएगा ताकि दोषियों को किसी भी सूरत में बचाया न जा सके।

SIT और अफसरों के निलंबन का दावा

प्रशांत किशोर ने साफ तौर पर दावा किया कि इस मामले में SIT का गठन और दो पुलिस अधिकारियों का निलंबन जन सुराज के दबाव का नतीजा है। उन्होंने बताया कि जिस दिन वे खुद छात्रा के परिजनों से मिलने जहानाबाद पहुंचे, उसी दिन सरकार को SIT बनानी पड़ी। इसके बाद जन सुराज के प्रतिनिधियों ने SSP से मुलाकात कर यह मांग रखी कि जांच में जिन अधिकारियों ने लापरवाही बरती है, उनके खिलाफ कार्रवाई हो। PK के मुताबिक, उसी का परिणाम है कि दो संबंधित अधिकारियों को सस्पेंड किया गया। उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि जब समाज संगठित होकर दबाव बनाता है, तो सरकार को झुकना पड़ता है।

सत्ता और विपक्ष दोनों पर हमला

PK ने इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर मामले में सत्ता के लोग अपनी कुर्सी बचाने में लगे रहे और विपक्ष केवल बयानबाजी करता रहा। किसी ने भी जमीन पर जाकर पीड़ित परिवार का साथ नहीं दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर जन सुराज जैसे लोग सड़क पर नहीं उतरते, तो शायद यह मामला भी दबा दिया जाता।

प्रशांत किशोर ने बताया कि SIT की रिपोर्ट आने के बाद जन सुराज आगे की रणनीति तय करेगा। अगर रिपोर्ट में किसी तरह की लीपापोती या सच्चाई को दबाने की कोशिश हुई, तो पार्टी इसे सड़क से लेकर अदालत तक चुनौती देगी। उन्होंने कहा कि NEET छात्रा को न्याय दिलाना सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि बिहार में कानून-व्यवस्था और जवाबदेही की परीक्षा है।

संगठन विस्तार और आने वाले आंदोलन के संकेत

प्रेस कॉन्फ्रेंस में PK ने यह भी संकेत दिया कि जन सुराज आने वाले समय में और आक्रामक रुख अपनाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को दिए गए छह महीने का समय पूरा होने के बाद, 1 जून से जन सुराज गांव-गांव और वार्ड-वार्ड जाकर सरकार के वादों की हकीकत सामने लाएगा। बेरोजगारी, पलायन, पेंशन और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है।

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