जमुई का ‘नेचर विलेज’ ब्रांड फ्लिपकार्ट, अमेजन पर उपलब्ध:तीन साल की मेहनत से बदली तस्वीर, ग्रामीण महिलाओं को मिला रोजगार

जमुई का ‘नेचर विलेज’ ब्रांड फ्लिपकार्ट, अमेजन पर उपलब्ध:तीन साल की मेहनत से बदली तस्वीर, ग्रामीण महिलाओं को मिला रोजगार

जमुई के लक्ष्मीपुर प्रखंड स्थित मटिया गांव ने अब डिजिटल बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा ली है। यहां तैयार हर्बल गुलाल और मसाले अब देश के प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट और अमेजन पर उपलब्ध हैं। एक छोटे से गांव के कुटीर उद्योग का ऑनलाइन मार्केट तक पहुंचना ग्रामीण उद्यमिता की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। लगातार 3 सालों के अथक प्रयासों के बाद मटिया का हर्बल गुलाल और मसाला उत्पादन ‘नेचर विलेज’ ब्रांड के रूप में स्थापित हुआ। शुरुआत में उत्पादन की तुलना में बिक्री कम थी, लेकिन रणनीतिक बदलावों, विशेषकर आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग ने बाजार की तस्वीर बदल दी। ‘नेचर विलेज मटिया’ का नाम और पहचान चिन्ह जोड़ा प्रत्येक उत्पाद पर ‘नेचर विलेज मटिया’ का स्पष्ट नाम और पहचान चिन्ह जोड़ा गया, जिससे ग्राहकों में विश्वास बढ़ा। शुद्धता और प्राकृतिक गुणवत्ता इसकी सबसे बड़ी पहचान बनकर उभरी। पहले जहां उत्पाद केवल स्थानीय बाजारों तक सीमित थे, अब वे जिले और राज्य के बाहर भी आसानी से उपलब्ध हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मौजूदगी ने बिक्री का दायरा बढ़ाया और मटिया को नई पहचान दी। 30 से अधिक महिलाएं इस पहल से जुड़कर आत्मनिर्भर बनी इस पहल का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण महिलाओं को मिला है। जो महिलाएं पहले बीड़ी बनाकर प्रतिदिन 50 से 100 रुपये कमाती थीं, वे अब हर्बल गुलाल और मसाला उत्पादन से प्रतिदिन 300 रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। लगभग 30 से अधिक महिलाएं इस पहल से जुड़कर आत्मनिर्भर बनी हैं। बीड़ी निर्माण से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से भी उन्हें छुटकारा मिला है, और अब वे स्वच्छ माहौल में काम कर रही हैं, जिससे अस्थमा जैसी बीमारियों का खतरा कम हुआ है। पिछले साल 40 क्विंटल हर्बल गुलाल का उत्पादन किया नेचर विलेज के संस्थापक निर्भय प्रताप सिंह ने बताया कि पिछले साल 40 क्विंटल हर्बल गुलाल का उत्पादन किया गया था। इस बार 50 क्विंटल से अधिक उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2024 में मात्र 6 क्विंटल हर्बल गुलाल का उत्पादन हुआ था, लेकिन लगातार मेहनत और बढ़ती मांग के कारण उत्पादन में तेजी से वृद्धि हुई है। सिंह ने बताया कि नेचर विलेज का हर्बल गुलाल पूरी तरह से इको-फ्रेंडली, स्किन-फ्रेंडली और नॉन-टॉक्सिक है। इसके निर्माण में फलों का उपयोग किया जाता है और किसी भी प्रकार के केमिकल का प्रयोग नहीं किया जाता, जिससे यह पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए सुरक्षित है। जमुई के लक्ष्मीपुर प्रखंड स्थित मटिया गांव ने अब डिजिटल बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा ली है। यहां तैयार हर्बल गुलाल और मसाले अब देश के प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट और अमेजन पर उपलब्ध हैं। एक छोटे से गांव के कुटीर उद्योग का ऑनलाइन मार्केट तक पहुंचना ग्रामीण उद्यमिता की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। लगातार 3 सालों के अथक प्रयासों के बाद मटिया का हर्बल गुलाल और मसाला उत्पादन ‘नेचर विलेज’ ब्रांड के रूप में स्थापित हुआ। शुरुआत में उत्पादन की तुलना में बिक्री कम थी, लेकिन रणनीतिक बदलावों, विशेषकर आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग ने बाजार की तस्वीर बदल दी। ‘नेचर विलेज मटिया’ का नाम और पहचान चिन्ह जोड़ा प्रत्येक उत्पाद पर ‘नेचर विलेज मटिया’ का स्पष्ट नाम और पहचान चिन्ह जोड़ा गया, जिससे ग्राहकों में विश्वास बढ़ा। शुद्धता और प्राकृतिक गुणवत्ता इसकी सबसे बड़ी पहचान बनकर उभरी। पहले जहां उत्पाद केवल स्थानीय बाजारों तक सीमित थे, अब वे जिले और राज्य के बाहर भी आसानी से उपलब्ध हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मौजूदगी ने बिक्री का दायरा बढ़ाया और मटिया को नई पहचान दी। 30 से अधिक महिलाएं इस पहल से जुड़कर आत्मनिर्भर बनी इस पहल का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण महिलाओं को मिला है। जो महिलाएं पहले बीड़ी बनाकर प्रतिदिन 50 से 100 रुपये कमाती थीं, वे अब हर्बल गुलाल और मसाला उत्पादन से प्रतिदिन 300 रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। लगभग 30 से अधिक महिलाएं इस पहल से जुड़कर आत्मनिर्भर बनी हैं। बीड़ी निर्माण से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से भी उन्हें छुटकारा मिला है, और अब वे स्वच्छ माहौल में काम कर रही हैं, जिससे अस्थमा जैसी बीमारियों का खतरा कम हुआ है। पिछले साल 40 क्विंटल हर्बल गुलाल का उत्पादन किया नेचर विलेज के संस्थापक निर्भय प्रताप सिंह ने बताया कि पिछले साल 40 क्विंटल हर्बल गुलाल का उत्पादन किया गया था। इस बार 50 क्विंटल से अधिक उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2024 में मात्र 6 क्विंटल हर्बल गुलाल का उत्पादन हुआ था, लेकिन लगातार मेहनत और बढ़ती मांग के कारण उत्पादन में तेजी से वृद्धि हुई है। सिंह ने बताया कि नेचर विलेज का हर्बल गुलाल पूरी तरह से इको-फ्रेंडली, स्किन-फ्रेंडली और नॉन-टॉक्सिक है। इसके निर्माण में फलों का उपयोग किया जाता है और किसी भी प्रकार के केमिकल का प्रयोग नहीं किया जाता, जिससे यह पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए सुरक्षित है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *