जमुई के सिमुलतला रेलवे स्टेशन अंतर्गत टेलवा हॉल्ट के समीप बडुआ नदी पुल पर शनिवार देर रात हुए भीषण मालगाड़ी हादसे के बाद पूरे रेलखंड में हड़कंप मच गया। रविवार शाम जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल अपने दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस और रेलवे अधिकारियों से विस्तृत बातचीत कर सुरक्षा, निगरानी और भीड़ नियंत्रण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसपी बोले– रेलवे बहाली में जुटा, पुलिस कर रही हरसंभव सहयोग एसपी विश्वजीत दयाल ने कहा कि हादसे के बाद जसीडीह–झाझा मुख्य रेलखंड पर परिचालन बहाल करना प्राथमिकता है। रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं और पुलिस प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि घटनास्थल पर अनावश्यक भीड़ न लगे और सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो। एसपी के साथ मौके पर जमुई अनुमंडल पदाधिकारी सौरभ कुमार सिंह, झाझा एसडीपीओ राकेश कुमार, झाझा सर्किल इंस्पेक्टर अरुण कुमार, सिमुलतला थाना प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है और आसपास के इलाकों में गश्त तेज कर दी गई है। कैसे हुआ हादसा, 42 डिब्बों में 19 बेपटरी प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार रात करीब 11:30 बजे जसीडीह से झाझा की ओर जा रही सीमेंट लदी मालगाड़ी पुल संख्या 676 और पोल संख्या 344/18 के पास अचानक पटरी से उतर गई। हादसे में मालगाड़ी के कुल 42 डिब्बों में से 19 डिब्बे बेपटरी हो गए, जिनमें से 10 डिब्बे सीधे बडुआ नदी में जा गिरे। हादसे के बाद तेज आवाज और कंपन से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रेलवे सूत्रों के मुताबिक डिब्बों के नदी में गिरने से सीमेंट का सामान चारों ओर फैल गया है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। अप-डाउन लाइन पूरी तरह बाधित, यात्रियों को भारी परेशानी इस हादसे के कारण आसनसोल रेल मंडल के अंतर्गत जसीडीह–झाझा मुख्य रेल मार्ग पर अप और डाउन दोनों लाइन का परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया है। बिहार, झारखंड, यूपी, दिल्ली और बंगाल जाने वाली कई ट्रेनें रद्द या डायवर्ट की गई हैं। रेलवे प्रशासन ने अब तक छह बुलेटिन जारी कर ट्रेनों के रूट डायवर्जन, कैंसिलेशन और प्रभावित सेवाओं की जानकारी दी है। यात्रियों को लंबी दूरी तय करने में अतिरिक्त समय लग रहा है, वहीं कई स्टेशनों पर अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। DRM समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर, जांच जारी घटनास्थल पर आसनसोल रेल मंडल की डीआरएम विनीता श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ रेल अधिकारी, इंजीनियर और टेक्निकल टीम मौजूद है। भारी मशीनों की मदद से बेपटरी डिब्बों को हटाने और ट्रैक की मरम्मत का काम लगातार जारी है। रेलवे प्रशासन ने हादसे के कारणों की गहन जांच शुरू जमुई के सिमुलतला रेलवे स्टेशन अंतर्गत टेलवा हॉल्ट के समीप बडुआ नदी पुल पर शनिवार देर रात हुए भीषण मालगाड़ी हादसे के बाद पूरे रेलखंड में हड़कंप मच गया। रविवार शाम जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल अपने दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस और रेलवे अधिकारियों से विस्तृत बातचीत कर सुरक्षा, निगरानी और भीड़ नियंत्रण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसपी बोले– रेलवे बहाली में जुटा, पुलिस कर रही हरसंभव सहयोग एसपी विश्वजीत दयाल ने कहा कि हादसे के बाद जसीडीह–झाझा मुख्य रेलखंड पर परिचालन बहाल करना प्राथमिकता है। रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं और पुलिस प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि घटनास्थल पर अनावश्यक भीड़ न लगे और सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो। एसपी के साथ मौके पर जमुई अनुमंडल पदाधिकारी सौरभ कुमार सिंह, झाझा एसडीपीओ राकेश कुमार, झाझा सर्किल इंस्पेक्टर अरुण कुमार, सिमुलतला थाना प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है और आसपास के इलाकों में गश्त तेज कर दी गई है। कैसे हुआ हादसा, 42 डिब्बों में 19 बेपटरी प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार रात करीब 11:30 बजे जसीडीह से झाझा की ओर जा रही सीमेंट लदी मालगाड़ी पुल संख्या 676 और पोल संख्या 344/18 के पास अचानक पटरी से उतर गई। हादसे में मालगाड़ी के कुल 42 डिब्बों में से 19 डिब्बे बेपटरी हो गए, जिनमें से 10 डिब्बे सीधे बडुआ नदी में जा गिरे। हादसे के बाद तेज आवाज और कंपन से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रेलवे सूत्रों के मुताबिक डिब्बों के नदी में गिरने से सीमेंट का सामान चारों ओर फैल गया है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। अप-डाउन लाइन पूरी तरह बाधित, यात्रियों को भारी परेशानी इस हादसे के कारण आसनसोल रेल मंडल के अंतर्गत जसीडीह–झाझा मुख्य रेल मार्ग पर अप और डाउन दोनों लाइन का परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया है। बिहार, झारखंड, यूपी, दिल्ली और बंगाल जाने वाली कई ट्रेनें रद्द या डायवर्ट की गई हैं। रेलवे प्रशासन ने अब तक छह बुलेटिन जारी कर ट्रेनों के रूट डायवर्जन, कैंसिलेशन और प्रभावित सेवाओं की जानकारी दी है। यात्रियों को लंबी दूरी तय करने में अतिरिक्त समय लग रहा है, वहीं कई स्टेशनों पर अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। DRM समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर, जांच जारी घटनास्थल पर आसनसोल रेल मंडल की डीआरएम विनीता श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ रेल अधिकारी, इंजीनियर और टेक्निकल टीम मौजूद है। भारी मशीनों की मदद से बेपटरी डिब्बों को हटाने और ट्रैक की मरम्मत का काम लगातार जारी है। रेलवे प्रशासन ने हादसे के कारणों की गहन जांच शुरू


