जामताड़ा जिले के नाला विधानसभा क्षेत्र स्थित मालांचा हिल पर विकसित किया गया नया नेचर पार्क इन दिनों सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने 14 दिसंबर को इस पार्क का उद्घाटन कर इसे आम लोगों के लिए खोल दिया था। इसके बाद से यहां रोजाना पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पर्यटन के लिहाज से अब तक पिछड़ा रहा नाला क्षेत्र, मां मालांचा पहाड़ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने के बाद जिले की नई पहचान बनता जा रहा है। बंगाल से सटे होने के कारण अब पड़ोसी राज्य से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं। 12 करोड़ से विकसित हो रहा पार्क झारखंड सरकार के वन्य एवं पर्यावरण विभाग की ओर से मां मालांचा पहाड़ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए करीब 12 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। फिलहाल पार्क का कार्य अभी जारी है। पहाड़ों और हरियाली से घिरा यह पार्क शांत वातावरण में बसा है, जहां पहुंचते ही लोगों को सुकून का एहसास होता है। यही वजह है कि परिवार, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में यहां घूमने पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोग मानते हैं कि पार्क के पूरी तरह विकसित होने के बाद यह क्षेत्र राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो जाएगा। रोज गार्डन से लेकर बोटिंग तक की सुविधा नाला वन क्षेत्र के रेंजर मृत्युंजय कुमार ने बताया कि पार्क में रोज गार्डन, नवग्रह वाटिका, फ्लावर बेड और फव्वारा विकसित किया गया है। यहां 25 किस्मों के गुलाब लगाए गए हैं, जो सैलानियों को खूब लुभा रहे हैं। बच्चों के लिए खेलकूद के आधुनिक उपकरण, सूर्य नमस्कार करते स्टैचू और घास से बनी गैंडा व हाथी जैसी कृत्रिम मूर्तियां भी आकर्षण का केंद्र हैं। पार्क में बने चेकडैम में नौका विहार की सुविधा दी गई है। भविष्य में यहां नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर भी बनाया जाएगा। मां मालांचा मंदिर की है मान्यता पार्क के पास स्थित मां मालांचा मंदिर का धार्मिक महत्व भी इस स्थल को खास बनाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, राजाओं के जमाने से यहां पूजा होती आ रही है। मान्यता है कि एक गर्भवती रानी की पुकार पर माता एक रात में पहाड़ से नीचे विराजमान हुई थीं। हर वर्ष माघ महीने में अष्टमंगल पर यहां भव्य पूजा और मेले का आयोजन होता है। पर्यटकों का कहना है कि पार्क बनने से नाला क्षेत्र का विकास हुआ है। अब यह इलाका जिले का सबसे चर्चित पर्यटन स्थल बनता जा रहा है। जामताड़ा जिले के नाला विधानसभा क्षेत्र स्थित मालांचा हिल पर विकसित किया गया नया नेचर पार्क इन दिनों सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने 14 दिसंबर को इस पार्क का उद्घाटन कर इसे आम लोगों के लिए खोल दिया था। इसके बाद से यहां रोजाना पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पर्यटन के लिहाज से अब तक पिछड़ा रहा नाला क्षेत्र, मां मालांचा पहाड़ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने के बाद जिले की नई पहचान बनता जा रहा है। बंगाल से सटे होने के कारण अब पड़ोसी राज्य से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं। 12 करोड़ से विकसित हो रहा पार्क झारखंड सरकार के वन्य एवं पर्यावरण विभाग की ओर से मां मालांचा पहाड़ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए करीब 12 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। फिलहाल पार्क का कार्य अभी जारी है। पहाड़ों और हरियाली से घिरा यह पार्क शांत वातावरण में बसा है, जहां पहुंचते ही लोगों को सुकून का एहसास होता है। यही वजह है कि परिवार, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में यहां घूमने पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोग मानते हैं कि पार्क के पूरी तरह विकसित होने के बाद यह क्षेत्र राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो जाएगा। रोज गार्डन से लेकर बोटिंग तक की सुविधा नाला वन क्षेत्र के रेंजर मृत्युंजय कुमार ने बताया कि पार्क में रोज गार्डन, नवग्रह वाटिका, फ्लावर बेड और फव्वारा विकसित किया गया है। यहां 25 किस्मों के गुलाब लगाए गए हैं, जो सैलानियों को खूब लुभा रहे हैं। बच्चों के लिए खेलकूद के आधुनिक उपकरण, सूर्य नमस्कार करते स्टैचू और घास से बनी गैंडा व हाथी जैसी कृत्रिम मूर्तियां भी आकर्षण का केंद्र हैं। पार्क में बने चेकडैम में नौका विहार की सुविधा दी गई है। भविष्य में यहां नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर भी बनाया जाएगा। मां मालांचा मंदिर की है मान्यता पार्क के पास स्थित मां मालांचा मंदिर का धार्मिक महत्व भी इस स्थल को खास बनाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, राजाओं के जमाने से यहां पूजा होती आ रही है। मान्यता है कि एक गर्भवती रानी की पुकार पर माता एक रात में पहाड़ से नीचे विराजमान हुई थीं। हर वर्ष माघ महीने में अष्टमंगल पर यहां भव्य पूजा और मेले का आयोजन होता है। पर्यटकों का कहना है कि पार्क बनने से नाला क्षेत्र का विकास हुआ है। अब यह इलाका जिले का सबसे चर्चित पर्यटन स्थल बनता जा रहा है।


