पाकिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। इसके अनुसार आंतकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के चीफ मसूद अजहर (Masood Azhar) के बड़े भाई ताहिर अनवर की मौत हो गई है। खबरों की मानें तो ताहिर की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। जैश-ए-मोहम्मद के आधिकारिक चैनल के अनुसार उनका अंतिम संस्कार बहावलपुर की एक मस्जिद में किया गया है।
अजहर का करीबी सहयोगियों था अनवर
मोहम्मद ताहिर अनवर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के भीतर एक अहम भूमिका निभाता था। उसे मसूद अजहर के करीबी सहयोगियों में गिना जाता था और संगठन के कई ऑपरेशनल कामों में उसकी सक्रिय भागीदारी बताई जाती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह अजहर के पांच भाइयों में से एक था और लंबे समय से संगठन के ढांचे को मजबूत करने में लगा हुए था। उसकी अचानक मौत से संगठन के अंदरूनी नेटवर्क और नेतृत्व पर असर पड़ सकता है।
ऑपरेशन सिंदूर से जोड़ कर देखा जा रहा मामला
पिछले वर्ष मसूद अजहर ने दावा किया था कि भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में उसके परिवार के 10 सदस्य मारे गए थे। इस ऑपरेशन में बहावलपुर स्थित मुख्यालय जमिया मस्जिद सुभान अल्लाह को निशाना बनाया गया था। अजहर के बयान के अनुसार, इस हमले में उसकी बहन, बहनोई, भतीजा, भतीजी और कई बच्चे शामिल थे। इस घटना के बाद से ही उसका परिवार लगातार चर्चा में बना हुआ है। ताहिर अनवर की मौत को भी उसी सिलसिले की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है असर
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर रखा है। उसका नाम भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है, जिनमें 2001 का संसद हमला, 2008 मुंबई हमला, 2016 पठानकोट हमला और 2019 पुलवामा हमला शामिल हैं। पाकिस्तान पर लंबे समय से इन संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दबाव रहा है, लेकिन ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि नेटवर्क अब भी सक्रिय है। इसी बीच ताहिर अनवर की मौत का रहस्य और उससे जुड़े सवाल आने वाले समय में क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर डाल सकते हैं।



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