Jaipur Holi Celebration: गोविंद देवजी मंदिर में भक्तों ने खेली होली, ठाकुरजी के दरबार में बरसे फूल और गुलाल, उमड़ पड़ा शहर

Jaipur Holi Celebration: गोविंद देवजी मंदिर में भक्तों ने खेली होली, ठाकुरजी के दरबार में बरसे फूल और गुलाल, उमड़ पड़ा शहर

Jaipur Holi Celebration: जयपुर: गुलाबी नगरी में आस्था और उल्लास के संगम के साथ दो दिवसीय होली पर्व का भव्य आगाह हुआ। सोमवार को शहर के आराध्य देव गोविंद देव जी मंदिर सहित तमाम देवालयों में भक्ति के रंग बरसे। वहीं, मध्यरात्रि को विधि-विधान के साथ होलिका दहन किया गया। अब मंगलवार को समूचा शहर धुलंडी के रंगोत्सव में सराबोर होगा।

गोविंद देव जी मंदिर में सोमवार सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। राजभोग झांकी के दौरान मंदिर का नजारा देखने लायक था। राजभोग आरती के पश्चात ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक किया गया। मंदिर में राधारानी को सोने की और सखियों को चांदी की पिचकारी थमाई गई।

Jaipur Holi Celebration Devotees Celebrate with Colors at Govind Devji Temple City Flocks to Lord Court

वृंदावन की तर्ज पर मनाए गए इस उत्सव में सबसे पहले तीन प्रकार के सुगंधित फूलों से होली खेली गई। इसके बाद केसर, गुलाब और इत्र मिश्रित जल की पिचकारियों से ठाकुरजी को रिझाया गया। अंत में लाल, हरा, गुलाबी, पीला और सफेद गुलाल उड़ाकर भक्तों ने अपने आराध्य के साथ होली खेली। ढोल-नगाड़ों और भजनों की थाप पर भक्त झूमते नजर आए।

परंपरागत होलिका दहन और ऐतिहासिक आयोजन

सोमवार मध्यरात्रि को शहर के विभिन्न चौराहों और मोहल्लों में होलिका दहन किया गया। सिटी पैलेस में राजपरिवार की परंपरा के अनुसार होलिका दहन संपन्न हुआ।

एक विशेष आयोजन नायला रोड स्थित कुथाड़ा में देखने को मिला, जहां 80 मीटर ऊंचे पहाड़ पर होली जलाई गई। स्थानीय निवासी राहुल शर्मा के अनुसार, यहां पिछले 50 वर्षों से सर्व समाज के लोग मिलकर परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। दहन से पूर्व विधि-विधान से हवन और भक्त प्रह्लाद का पूजन किया गया।

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गणगौर पूजन: धुलंडी से शुरू होगा 16 दिवसीय पर्व

धुलंडी के साथ ही मारवाड़ और ढूंढाड़ के प्रसिद्ध 16 दिवसीय गणगौर पर्व की शुरुआत भी होगी। हालांकि, इस बार खग्रास चंद्रग्रहण और सूतक के प्रभाव के कारण पूजन के समय में बदलाव किया गया है।

परंपरा के अनुसार, होली की भस्म (राख) से आठ पिंडियां बनाकर पूजन किया जाएगा। शिव स्वरूप ईसर और पार्वती स्वरूप गौर की प्रतिमा के समक्ष इन पिंडियों पर दूब से 16 बार छींटे देने का विशेष महत्व है।

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आज धुलंडी की धूम

मंगलवार को धुलंडी का पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। शहर के बाजारों में रंग-गुलाल की खरीदारी के लिए भारी भीड़ देखी गई। हालांकि, तिथियों के संयोग के चलते कुछ लोग बुधवार को भी धुलंडी मनाएंगे, जिससे इस बार होली का जश्न तीन दिनों तक चलने की उम्मीद है।

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